पंजाब की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के करीबी रिश्तेदारों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति में बढ़ती सियासी हलचल और आम आदमी पार्टी को कमजोर करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के चाचा बलजिंदर सिंह मान और मौसी के बेटे ज्ञान सिंह मान भाजपा में शामिल हुए। कार्यक्रम में Nayab Singh Saini भी विशेष रूप से मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने इसे पंजाब में पार्टी के लगातार बढ़ते प्रभाव का संकेत बताया।
भाजपा में शामिल होने के बाद बलजिंदर सिंह मान ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार एक ओर प्रवासी भारतीयों को पंजाब में निवेश और कारोबार के लिए आमंत्रित करती है, जबकि दूसरी ओर यहां व्यवसाय कर रहे लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सरकार ने उनके ढाबे की रसोई बंद करवा दी, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस मौके पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में भाजपा तेजी से अपना जनाधार मजबूत कर रही है और बड़ी संख्या में लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर जुड़ रहे हैं। उन्होंने ज्ञान सिंह मान और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
सैनी ने Arvind Kejriwal और भगवंत मान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और चुनावी परिणामों के बाद आम आदमी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व में बेचैनी दिखाई दे रही है। उन्होंने विपक्षी दलों के समर्थन को लेकर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता अब राजनीतिक समीकरणों को समझ चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब पंजाब में पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है और पार्टी आम आदमी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रभावशाली चेहरों को अपने साथ जोड़कर AAP के संगठनात्मक ढांचे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में ऐसे और भी बड़े राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।
