पंजाब के विभिन्न नगर निगमों और स्थानीय निकायों में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने गतिरोध समाप्त करने के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में काम करेगी और सफाई कर्मचारियों की मांगों पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राज्य के कई शहरों और कस्बों में कूड़ा उठान व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में बदबू और गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
हड़ताल समाप्त कराने के प्रयासों के तहत पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema और स्थानीय निकाय मंत्री Harjot Singh Bains ने सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में कर्मचारियों की मांगों और समाधान के संभावित रास्तों पर चर्चा की गई।
सरकार द्वारा गठित समिति को 20 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि यूनियनों के साथ अगली बैठक 25 मई को प्रस्तावित है। सरकार को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालकर हड़ताल समाप्त कराई जा सकेगी।
हड़ताली कर्मचारी लंबे समय से सेवाओं के नियमितीकरण, लंबित वेतन जारी करने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कई नगर निगम कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दूसरी ओर, शहरों में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। कई नागरिकों का कहना है कि इस लंबे आंदोलन ने शहरी कचरा प्रबंधन व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है और सरकार को स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर कदम उठाने होंगे।