पंजाब में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति एक बार फिर सक्रिय हो उठी है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों के लिए मतदान 26 मई को कराया जाएगा, जबकि मतगणना 29 मई को होगी। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही राज्यभर में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिससे राजनीतिक गतिविधियों को औपचारिक दिशा मिल गई है।
चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने नगर परिषद जीरकपुर, डेरा ब्यास और नवगांव सहित विभिन्न शहरी निकायों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की यह पहल संकेत देती है कि वह चुनावी मैदान में संगठित रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है।
मोहाली में आयोजित पार्टी की एक अहम संगठनात्मक बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक में जाखड़ ने स्पष्ट किया कि भाजपा निकाय चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस बार जिन नगर निगमों में चुनाव होने हैं, उनमें मोहाली, मोगा, बटाला, बरनाला, कपूरथला, अबोहर, बठिंडा और पठानकोट शामिल हैं। इन शहरी क्षेत्रों में चुनाव को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि इन्हें आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को परखने का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 16 मई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 18 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 19 मई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिससे अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये निकाय चुनाव केवल स्थानीय प्रशासनिक निकायों के गठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राज्य की व्यापक राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी दल शहरी मतदाताओं को साधने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। आने वाले दिनों में चुनावी प्रचार के तेज होने के साथ ही राज्य का सियासी माहौल और अधिक गर्माने की संभावना है।
