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अमृतसर के गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन लंगर हॉल की छत गिरने से 2 महिलाओं की मौत, कई घायल

अमृतसर: पंजाब के पवित्र धार्मिक स्थल गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने श्रद्धालुओं और संगत को झकझोर कर रख दिया। गुरुद्वारा परिसर में निर्माणाधीन लंगर हॉल की छत अचानक गिरने से वहां सेवा कर रही दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लंगर हॉल का निर्माण कार्य जारी था। इसी दौरान छत में इस्तेमाल की जा रही लोहे की भारी प्लेटें अचानक टूटकर नीचे गिर गईं। उस समय नीचे कई महिलाएं सेवा कार्य में जुटी हुई थीं। भारी लोहे के ढांचे के गिरते ही कई महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं।

हादसे के तुरंत बाद संगत, स्थानीय लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में फंसी महिलाओं को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को श्री गुरु रामदास अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अमृतसर की एसपी अमनदीप कौर अस्पताल पहुंचीं और घायल महिलाओं का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सिविल डिफेंस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय बाबा भूरी वाले का लंगर चल रहा था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु व सेवादार मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। एक घायल महिला, जो अजनाला क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है, ने कहा कि वह माथा टेकने के लिए लाइन में खड़ी थी, तभी अचानक जोरदार आवाज के साथ छत का हिस्सा नीचे आ गिरा। हादसे के बाद वह बेहोश हो गई। उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं और डॉक्टरों ने टांके लगाए हैं।

इस दर्दनाक घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी खामी की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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