राहुल सोनी
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. जी.एस. पन्नू के नेतृत्व में गठित टीम ने गत 21 मई 2026 को अमृतसर शहर की विभिन्न डेयरियों से दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 12 नमूने एकत्र कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, खरड़ भेजे थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार इन 12 नमूनों में से 2 नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित (खाने योग्य नहीं), 6 नमूने निम्न गुणवत्ता (सब-स्टैंडर्ड) के पाए गए, जबकि 4 नमूने मानकों पर खरे उतरे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. जी.एस. पन्नू ने बताया कि 21 मई को अमृतसर शहर की जिन डेयरियों से नमूने लिए गए थे, उनमें गिल डेयरी, अड्डा गौंसाबाद, राम तीर्थ रोड से पनीर के दो नमूने लिए गए थे। इनमें से एक नमूना खाने योग्य नहीं पाया गया तथा दूसरा निम्न गुणवत्ता का पाया गया। इसी प्रकार गुरु नानक डेयरी, राम तीर्थ रोड, पुतलीघर से लिया गया दूध का नमूना भी निम्न गुणवत्ता का पाया गया। उन्होंने आगे बताया कि गुरु डेयरी, पुतलीघर से लिया गया एक पनीर का नमूना तथा एक दूध का नमूना भी निम्न गुणवत्ता का पाया गया। इसी प्रकार शर्मा डेयरी, पुतलीघर से लिया गया दही का एक नमूना निम्न गुणवत्ता का पाया गया। छाबड़ा डेयरी, पुतलीघर से लिया गया पनीर का नमूना भी निम्न गुणवत्ता का पाया गया। इसके अतिरिक्त ढिल्लों डेयरी, इंडिया गेट से लिया गया पनीर का नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। डॉ. पन्नू ने बताया कि जिन डेयरियों के नमूने फेल पाए गए हैं, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले स्वयं भी यह सुनिश्चित करें कि वस्तुएं साफ-सुथरे वातावरण में तैयार की गई हों और विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खरीदी जाएं, ताकि वे अपने तथा अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा कर सकें।