पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशाल धार्मिक एवं सामाजिक समारोह में भाग लेते हुए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य के पक्ष में खड़े होने और समाज की सेवा के लिए सदैव प्रेरणा देता है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुों, पीरों, संतों और भक्तों की पावन धरती है, जहां विभिन्न समुदायों के बीच आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि पंजाब की समृद्ध परंपरा विविधता में एकता की रही है और इसी भावना को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज को धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर विभाजित करने की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की दुआएं और आशीर्वाद किसी भी सरकार की सबसे बड़ी पूंजी होती हैं और इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की तरक्की, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और आगे भी जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का संदेश प्रमुखता से देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम के आदर्शों को याद करते हुए लोगों से समाज में सद्भाव, न्याय और मानवता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
