हरियाणा सरकार ने पिछले एक दशक में किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण को विकास की धुरी बनाकर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में लागू विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा आज कृषि, खेल, शिक्षा, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा लंबे समय से देश की खेल राजधानी के रूप में जाना जाता है और राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा कि देश के लिए जीते गए कुल पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान दो-तिहाई से अधिक रहा है। खेल प्रतिभाओं को और बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में 16 खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं, जबकि पंचकूला में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि खेलों के साथ-साथ नवाचार और वैज्ञानिक सोच को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में स्थापित 441 अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लगभग एक लाख विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था ज्ञान और नवाचार आधारित होगी, इसलिए युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 25,962 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 12 लाख लाभार्थियों तक पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य किसी भी समाज के समग्र विकास का आधार होता है।
युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना के तहत प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण बिना गारंटी के उपलब्ध कराए गए हैं। इससे हजारों युवाओं और छोटे उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और विस्तार देने का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि अग्निवीर योजना के अंतर्गत यदि कोई सैनिक राष्ट्रसेवा के दौरान शहीद होता है, तो उसके परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान किया गया है।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रदेश के किसानों को लगभग 9,888 करोड़ रुपये का लाभ दिया गया है, जबकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों के खातों में 7,562 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जा रही है। अब तक लगभग 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के एवज में 1.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत प्रदान करने के लिए पिछले साढ़े ग्यारह वर्षों में 16,160 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 1.93 लाख सौर ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों की ऊर्जा लागत में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।
ग्रामीण विकास और संपत्ति अधिकारों के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है। अब इस योजना का विस्तार शहरी क्षेत्रों तक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी तहसीलों में संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन कर पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित की गई है। वहीं ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना के तहत 6,038 गांवों में चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों और बेटियों की आर्थिक सुरक्षा के लिए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना लागू की गई है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। अब तक लगभग 9.89 लाख महिलाओं को 1,623 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस का बोझ कम करने के लिए केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 14 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 302 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 15 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 67,641 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में 2.48 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित 82 नए कॉलेजों में से 31 विशेष रूप से छात्राओं के लिए हैं। साथ ही लड़कियों को स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि आर्थिक कारण उनकी शिक्षा में बाधा न बन सकें।
बुनियादी ढांचे के विकास को राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 31 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है। राज्य में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जो भविष्य की तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। जींद और सोनीपत के बीच हाइड्रोजन रेल का सफल परीक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क बढ़कर 3,414 किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 तक हरियाणा में केवल 12 किलोमीटर से कुछ अधिक मेट्रो नेटवर्क था, जबकि पिछले वर्षों में इसमें लगभग 28.5 किलोमीटर का विस्तार किया गया है। परिणामस्वरूप मेट्रो सेवाओं का दायरा एक शहर से बढ़कर चार शहरों तक पहुंच चुका है।
क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए हिसार हवाई अड्डे से अयोध्या, दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की गई हैं। वहीं हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे के संचालन से न केवल दिल्ली पर यातायात का दबाव कम हुआ है, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक और परिवहन क्षमता को भी नई मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में किए गए ये प्रयास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे हरियाणा के निर्माण की दिशा में कदम हैं जो आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से समावेशी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो।
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