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पंजाब में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान 25 जून से शुरू, घर-घर पहुंचेंगे 24,453 बीएलओ; 86.02 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन पूरा

पंजाब में आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में चुनाव आयोग का विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान 25 जून से शुरू होने जा रहा है। इस व्यापक अभियान के तहत राज्यभर में नियुक्त 24,453 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे और मतदाता गणना प्रपत्रों का वितरण, संग्रह तथा आवश्यक अद्यतन कार्य करेंगे।

इस महत्वपूर्ण अभियान की तैयारियों को लेकर पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने सोमवार को राज्य की मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का उद्देश्य विशेष पुनरीक्षण अभियान की प्रक्रिया को सभी दलों के साथ साझा करना, उनकी शंकाओं का समाधान करना तथा अभियान में सहयोग सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान लगभग 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार से अधिक पंजीकृत मतदाताओं तक पहुंचकर उनके विवरण की पुष्टि की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत हो सके।

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अब तक राज्य के 86.02 प्रतिशत मतदाताओं का सफलतापूर्वक मैपिंग कार्य पूरा किया जा चुका है, जो इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि कुछ मतदाता अभी भी मैपिंग प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे मतदाताओं की सूची एक बार फिर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे भी अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करें और चुनावी कर्मचारियों को सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सभी की साझा जिम्मेदारी है। यदि राजनीतिक दल और स्थानीय कार्यकर्ता चुनावी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेंगे तो प्रत्येक पात्र मतदाता का सही विवरण मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक में चुनावी कार्यक्रम की आगामी समय-सीमा भी साझा की गई। इसके अनुसार 24 जुलाई तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिक 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन सभी दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 3 अगस्त से 28 सितंबर तक किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम एवं संशोधित मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न और सुझाव भी रखे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित की जाएगी।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमनदीप गर्ग, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवनीत कौर बल सहित आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी दलों ने निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।

विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान को आगामी चुनावी तैयारियों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आयोग का मानना है कि घर-घर जाकर सत्यापन की यह प्रक्रिया न केवल मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाएगी बल्कि ऐसे पात्र नागरिकों तक भी पहुंचेगी जिनकी जानकारी अब तक अद्यतन नहीं हो सकी है। इससे भविष्य के चुनावों में अधिक पारदर्शिता, विश्वसनीयता और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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