अमृतसर, ( राहुल सोनी ) मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के मद्देनजर चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता दर्ज करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार के हथियार तस्करी मॉड्यूल के दो व्यक्तियों को सात आधुनिक पिस्तौलों और 40 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल को नष्ट कर दिया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहाँ साझा की। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान तरन तारन के गाँव सुर सिंह के निवासी सुरजीत सिंह उर्फ राणा (33) और अमृतसर के भाई मंज सिंह रोड के निवासी गुलबाग सिंह उर्फ बाठ (26) के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि गुलबाग सिंह, अमृतसर के सुल्तानविंड में भाई मंज सिंह रोड पर नशा छुड़ाऊ केंद्र चलाता है।
बरामद की गई पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लॉक, एक .30 बोर तिसास (तुर्की निर्मित), एक .30 बोर स्पेशल मोडिफाइड पिस्तौल, चार .30 बोर पिस्तौलें शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया ऐप्स के द्वारा विदेशी तस्करों के संपर्क में थे और सीमावर्ती रास्तों के माध्यम से अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करके आपराधिक तत्वों को आपूर्ति कर रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए आगे की जाँच की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान की जा सके। ऑपरेशन से संबंधित विवरण साझा करते हुए, पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने सुरजीत उर्फ राणा और गुलबाग उर्फ बाठ को दो पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निरंतर पूछताछ और उनके बयानों के आधार पर पुलिस टीमों ने पाँच और आधुनिक पिस्तौलें बरामद कीं, जिससे बरामदगी की कुल संख्या सात हो गई है।
सी.पी. ने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि की तफ्तीश से पता चला है कि आरोपी सुरजीत उर्फ राणा पहले से ही तरन तारन के पुलिस स्टेशन भिखीविंड में दर्ज व्यापारिक मात्रा में नशीले पदार्थों के एक मामले में वांछित है, जो संगठित आपराधिक गतिविधियों में उसकी संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और बरामदगी होने की संभावना है। इस संबंध में एफआईआर संख्या 141 दिनांक 24.06.2026 को अमृतसर के पुलिस स्टेशन सुल्तानविंड में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (6,7,8) के तहत केस दर्ज किया गया है।
