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ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन और दवा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी मजबूत करने की मांग, मुख्यमंत्री ने दिए सुझावों पर अमल के संकेत

पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। केमिस्ट एसोसिएशन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष दवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रतिनिधियों ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल दवा विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए दवाओं की पूरी सप्लाई चेन, ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था और दवाओं की उपलब्धता से जुड़े सभी संभावित माध्यमों की प्रभावी निगरानी और नियमित समीक्षा जरूरी है।

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि बिना वैध चिकित्सकीय आवश्यकता के नशीली दवाओं की उपलब्धता पर रोक लगाई जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वास्तविक मरीजों को आवश्यक दवाइयां समय पर और बिना किसी अनावश्यक बाधा के मिलती रहें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जनहित में जो भी सुझाव व्यावहारिक और उपयोगी होंगे, उन्हें सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर प्रभावी ढंग से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर काम कर रही है और इस दिशा में प्राप्त सुझाव नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल, हिसार के मेयर परवीन पोपली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, सामुदायिक पुलिसिंग एवं जनसहभागिता के विशेष अधिकारी पंकज नैन, हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष बी.बी. सिंघल, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव परवीन आत्रेय सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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