चंडीगढ़।
शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने की दिशा में जन सेवा सहयोग फाउंडेशन ने एक प्रेरणादायी पहल करते हुए पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धनास में अध्ययनरत छोटे बच्चों के बीच पुस्तकें और चॉकलेट वितरित कीं। इस आयोजन का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करना, उन्हें प्रोत्साहित करना और सकारात्मक सामाजिक वातावरण का अनुभव कराना भी था।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन तथा जीवन में शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। पुस्तकों के वितरण को ज्ञान की ओर एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम बताते हुए फाउंडेशन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। वहीं चॉकलेट वितरण के माध्यम से बच्चों के साथ आत्मीयता का संबंध स्थापित करने का प्रयास किया गया, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर जन सेवा सहयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में संस्था के सदस्य उमेश मौर्य, आशीष सिंह और राकेश कुमार भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने बच्चों के बीच जाकर उन्हें पुस्तकें एवं चॉकलेट वितरित कीं और शिक्षा के प्रति निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस पहल का स्वागत किया और फाउंडेशन के सदस्यों के साथ आत्मीय संवाद किया।
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण, प्रेरणा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बन सकते हैं। उनका मानना है कि सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों के साझा प्रयासों से ही शिक्षा को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जन सेवा सहयोग फाउंडेशन भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करता रहेगा। संस्था का लक्ष्य केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित हों।
विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण बना कि छोटे-छोटे प्रयास भी बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा बन सकते हैं। पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान का संदेश और चॉकलेट के माध्यम से स्नेह का अहसास देने वाली इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा और सेवा का समन्वय ही एक सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।
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