मोहाली में GMADA कार्यालय पर ED की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने CRPF जवानों के साथ ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के सेक्टर-62 स्थित कार्यालय में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कार्यालय की तीन मंजिलों को सील कर दिया गया। इन मंजिलों पर GMADA के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय हैं।
मोहाली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को GMADA कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। रिपोर्टों के अनुसार ED की टीम ने कार्यालय पहुंचते ही तीन मंजिलों को सील कर दिया और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
ED की यह कार्रवाई मोहाली में कथित फर्जी Change of Land Use (CLU) मंजूरियों और रियल एस्टेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की चल रही जांच के बीच हुई है। एजेंसी ने GMADA से जुड़े Remigate Case सहित अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक तलाशी केवल GMADA कार्यालय तक सीमित नहीं है और मोहाली, चंडीगढ़, लुधियाना तथा दिल्ली में भी कई स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई का संबंध उन मामलों से भी जोड़ा जा रहा है जिनमें निजी बिल्डरों को कथित तौर पर गलत तरीके से CLU की अनुमति दिए जाने के आरोपों की जांच चल रही है। ED पहले से ही मोहाली के रियल एस्टेट सेक्टर में कथित फर्जी दस्तावेजों, CLU मंजूरियों, जमीन से जुड़े लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पड़ताल कर रही है।
348 करोड़ रुपये के CLU मामले की जांच भी ED के रडार पर
मोहाली में चल रही जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कथित 348 करोड़ रुपये का CLU मनी-लॉन्ड्रिंग मामला है। ED ने जुलाई में दाखिल अपनी चार्जशीट में रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल पर कथित तौर पर फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर CLU हासिल करने और उससे जुड़े अपराध की आय को लॉन्डर करने का आरोप लगाया था। एजेंसी के अनुसार इस मामले में करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए कथित फर्जी consent letters का इस्तेमाल किया गया था।
इसी जांच के सिलसिले में पंजाब के वरिष्ठ IAS अधिकारियों से भी ED पूछताछ कर चुकी है। अगस्त में IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को ED ने इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। बाद में सितंबर में उन्हें पंजाब के Revenue Department से हटाकर Agriculture और Transport विभागों की जिम्मेदारी दी गई।
GMADA की भूमिका पर लगातार बढ़ रहा जांच का दायरा
GMADA पहले से ही विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं, CLU मंजूरियों और डेवलपमेंट चार्ज से जुड़े मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हाल के महीनों में ED ने Chandigarh Royale City परियोजना से जुड़े दस्तावेज भी GMADA से मांगे थे। इस मामले में भी CLU और colony development licence से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
इसके अलावा Suntec City सहित कई परियोजनाओं से जुड़े मामलों में ED की जांच आगे बढ़ी है। एजेंसी का फोकस कथित फर्जी CLU मंजूरियों, रियल एस्टेट लेन-देन और उनसे जुड़े धन के प्रवाह पर है।
मंगलवार की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ED ने सीधे GMADA के प्रशासनिक ढांचे के भीतर पहुंचकर रिकॉर्ड और वरिष्ठ अधिकारियों से संबंधित सामग्री की जांच की है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तलाशी के बाद एजेंसी किन अधिकारियों या निजी व्यक्तियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करती है। किसी अधिकारी की भूमिका या जिम्मेदारी के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।