जालंधर में विदेशी हथियारों के साथ गिरफ्तार पंजाबी यूट्यूबर मनप्रीत सिंह उर्फ मनी शॉकर और उसके साथी दिलप्रीत सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की आगे की जांच, कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और इस मामले में सामने आए अन्य संदिग्धों के बारे में पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की। अदालत ने दोनों का पुलिस रिमांड तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मनी शॉकर और उसके साथियों के कब्जे से कुल पांच विदेशी पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये हथियार कहां से हासिल किए गए, इनके पीछे कौन लोग हैं और क्या इन हथियारों की सप्लाई किसी बड़े नेटवर्क के जरिए की जा रही थी।
जंडियाला मोड़ पर शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला 18 सितंबर की रात जालंधर के जंडियाला मोड़ के पास पुलिस चेकिंग के दौरान सामने आया था। पुलिस टीम वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोका गया। वाहन में मनी शॉकर और दिलप्रीत सिंह मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, पहचान संबंधी दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस मांगे जाने पर वाहन में बैठे मनी शॉकर ने कथित तौर पर पिस्तौल निकाल ली और ड्यूटी पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर नरिंदर मोहन पर गोली चलाने की कोशिश की। अधिकारी ने तुरंत उसका हाथ पकड़कर हथियार को दूसरी तरफ धकेल दिया। इसके बाद कथित तौर पर दो गोलियां चलीं, लेकिन वे पुलिसकर्मी को नहीं लगीं और पास के एक ढाबे की दीवार में जा लगीं। पुलिस टीम ने इसके बाद दोनों आरोपियों को काबू कर लिया।
पुलिस ने मौके से कथित तौर पर इस्तेमाल की गई Glock पिस्तौल बरामद की। उसके मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस मिले, जबकि दो इस्तेमाल किए गए कारतूस के खोल भी बरामद किए गए।
जांच आगे बढ़ी तो पांच पिस्तौल तक पहुंची
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ और तलाशी में चार अन्य पिस्तौल भी बरामद हुईं। इस तरह कुल बरामद हथियारों की संख्या पांच हो गई।
इनमें ऑस्ट्रिया में निर्मित Glock 19 Gen4, रोमानिया की Cugir TT-C पिस्तौल और जर्मनी निर्मित Walther PP पिस्तौल शामिल हैं। दो अन्य हथियारों पर स्पष्ट निर्माता चिह्न नहीं पाए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस अब इन हथियारों की उत्पत्ति और उनके संभावित सप्लाई चैन की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में दो-तीन अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मनी शॉकर को किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है।
तीन लोग गिरफ्तार
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। मनी शॉकर के अलावा दिलप्रीत सिंह और मेहर सिंह उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार मनी शॉकर और दिलप्रीत को 19 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि मेहर सिंह को बाद में पकड़ा गया।
पुलिस का कहना है कि मनी शॉकर और दिलप्रीत के खिलाफ पहले कोई FIR दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली है, जबकि मेहर सिंह के खिलाफ एक पूर्व मामला दर्ज बताया गया है।
किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ?
पुलिस ने जालंधर के सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 109 हत्या के प्रयास से संबंधित है, जबकि आर्म्स एक्ट की धाराएं अवैध हथियार रखने और उनके इस्तेमाल से संबंधित आरोपों पर लागू की गई हैं।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हथियारों का नेटवर्क
तीन दिन का अतिरिक्त रिमांड मिलने के बाद जांच का फोकस केवल नाके पर हुई कथित फायरिंग तक सीमित नहीं है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी संख्या में विदेशी पिस्तौल आरोपियों तक कैसे पहुंचीं और क्या इनके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा है।
जालंधर पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक जांच में लुधियाना से जुड़े एक संपर्क की भूमिका सामने आई है। हालांकि, हथियारों के वास्तविक स्रोत और उनके इस्तेमाल के उद्देश्य को लेकर जांच अभी जारी है। पुलिस ने यह भी कहा है कि आगे की पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
मामले में पुलिस की जांच जारी है और अदालत में पेश किए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। किसी भी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।