कांग्रेस के पंजाब प्रभारी ने पीड़ित परिवार को दी सांत्वना, कहा—नशे का संकट केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि पंजाब की युवा पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा सवाल है

मानसा: कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने आज मानसा में दिवंगत परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुख की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है।
परिवार से मुलाकात के बाद पायलट ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चिट्टे के प्रकोप ने राज्य के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है और अनेक परिवारों को गहरे दुख से गुजरना पड़ा है। उनके अनुसार, नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसका असर पंजाब की पूरी युवा पीढ़ी और समाज पर पड़ रहा है।
सचिन पायलट ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इस दिशा में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ऐसे ठोस कदम उठाने होंगे जिनके परिणाम जमीन पर दिखाई दें।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और पार्टी के नेता नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। पायलट के संदेश में नशे के खिलाफ कार्रवाई को पंजाब के युवाओं के भविष्य की रक्षा से जोड़ते हुए इस चुनौती से निपटने के लिए गंभीर प्रयासों की जरूरत पर बल दिया गया।
परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात के जरिए कांग्रेस ने नशे के मुद्दे को फिर से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में लाया है। पंजाब में चिट्टे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में नशे की आपूर्ति पर रोक, तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास तथा परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं।
पायलट के बयान ने राज्य में नशे के खिलाफ कार्रवाई की प्रभावशीलता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। अब इस चुनौती से निपटने के लिए जरूरी है कि संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई के साथ-साथ नशे की उपलब्धता में कमी और युवाओं को इससे बचाने के प्रयासों के ठोस परिणाम भी सामने आएं।