पटियाला —
पंजाब के पटियाला में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां पूर्व आईपीएस अधिकारी और सेवानिवृत्त आईजी अमर सिंह चहल ने कथित तौर पर रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी अमर सिंह चहल के कुछ करीबी दोस्तों के माध्यम से मिली थी, जिन्होंने आशंका जताई थी कि वह कोई आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। सूचना मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी, डीएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। मौके पर अमर सिंह चहल घायल अवस्था में मिले, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
पटियाला पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुसाइड नोट में एक ऑनलाइन धोखाधड़ी का जिक्र है, जिसमें उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी आर्थिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि, पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि ऑनलाइन फ्रॉड किस तरह से हुआ, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या अमर सिंह चहल को किसी तरह का मानसिक या अन्य दबाव झेलना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि अमर सिंह चहल 2015 में फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में हुई पुलिस फायरिंग के मामले में आरोपी रह चुके हैं। यह फायरिंग उस समय हुई थी, जब सिख श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ धरना दे रहे थे। यह मामला पंजाब की राजनीति और प्रशासन में लंबे समय तक चर्चा और विवाद का विषय रहा है।
फिलहाल अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अमर सिंह चहल की हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि उनके बयान दर्ज करने की स्थिति बनने के बाद ही आगे की पूछताछ की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्थिक धोखाधड़ी और मानसिक दबाव किस तरह से लोगों को अंदर तक तोड़ सकते हैं, चाहे वह व्यक्ति प्रशासनिक सेवा के उच्च पद पर ही क्यों न रहा हो। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या वित्तीय संकट की स्थिति में समय रहते मदद लें और ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दें।