प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस आह्वान को जमीन पर उतारने की दिशा में एक नई राजनीतिक और सामाजिक पहल हिमाचल प्रदेश से शुरू होने जा रही है, जिसमें एक लाख युवाओं को सक्रिय राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद Anurag Singh Thakur आगामी 23 जनवरी को धर्मशाला से एक विशेष लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे युवाओं को राजनीति, नीति निर्माण और नेतृत्व की प्रक्रिया से जोड़ना है, जिनके परिवारों की पृष्ठभूमि सक्रिय राजनीति से नहीं रही है।
दिल्ली में हिमाचल भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ हुई बैठक के दौरान इस पहल को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin के निर्वाचन के बाद हुई, जिसमें प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के दोहराए गए संदेश को केंद्र में रखा गया। सूत्रों के अनुसार, इस पहल को केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक दीर्घकालिक नेतृत्व विकास मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के पहले चरण में वरिष्ठ पत्रकारों, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों और जेन-जी इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद सत्र और भोजन बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को नीति, शासन और सामाजिक नेतृत्व से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है, ताकि वे केवल चुनावी राजनीति तक सीमित न रहें, बल्कि नीति-निर्माण, प्रशासनिक समझ और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे क्षेत्रों में भी अपनी भूमिका को समझ सकें।
अनुराग सिंह ठाकुर ने इस पहल को हिमाचल के युवाओं के लिए एक अवसर बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा। उनके अनुसार, लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम के माध्यम से युवाओं में नीति-परक समझ, शासन से जुड़ी दक्षता और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास किया जाएगा। यह पहल उन युवाओं को मंच देने का प्रयास है, जो अब तक पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से बाहर रहे हैं, लेकिन समाज और देश के लिए कुछ करने की आकांक्षा रखते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसी सोच के तहत केंद्र सरकार द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई नीतियां और मंच विकसित किए गए हैं। ‘मेरा युवा भारत’ जैसे प्लेटफॉर्म को उन्होंने युवाओं के लिए सेवा, नेतृत्व और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया।
हिमाचल प्रदेश में पहले से चल रहे सांसद खेल महाकुंभ, सांसद भारत दर्शन और एक से श्रेष्ठ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि ये सभी प्रयास युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ने और उनकी क्षमताओं को निखारने के लिए किए गए हैं। लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम को इन्हीं पहलों का अगला और अधिक संगठित चरण माना जा रहा है, जिसमें युवाओं को राजनीति और नीति-निर्माण की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने की योजना है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह पहल न केवल युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे हिमाचल प्रदेश में भविष्य के राजनीतिक नेतृत्व की नींव भी रखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने के विजन के तहत धर्मशाला से शुरू होने जा रही यह पहल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभर सकती है।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं को नीति, नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। धर्मशाला से शुरू होने वाली यह पहल हिमाचल के युवाओं के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिसमें उन्हें केवल मतदाता नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार और भविष्य के नेता के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
