पंजाब के सरहिंद क्षेत्र में गत दिवस रेलवे लाइन पर हुए विस्फोट को लेकर एक प्रेस नोट सामने आया है, जिसमें प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के मुखिया रंजीत सिंह नीटा ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। प्रेस नोट पर रंजीत सिंह नीटा के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं।

जारी बयान में नीटा ने कहा है कि संगठन चाहें तो यात्री रेलगाड़ी को भी निशाना बना सकता था, लेकिन उनका उद्देश्य किसी भी तरह की जान-माल की हानि करना नहीं था। बयान के अनुसार, यह कार्रवाई भारत सरकार के लिए एक “चेतावनी” के तौर पर की गई है। प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि खालिस्तान की मांग पहले भी संगठन का उद्देश्य रही है और आगे भी बनी रहेगी।
प्रेस नोट में दावा किया गया है कि संगठन न तो शांत बैठा है और न ही बैठेगा, तथा खालिस्तान की कथित प्राप्ति तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयों के जरिए सरकार पर दबाव बनाए रखा जाएगा। बयान के अंत में रंजीत सिंह नीटा के हस्ताक्षर होने का उल्लेख किया गया है।
इधर, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की सत्यता की जांच कर रही हैं। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और विस्फोट से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाए, जबकि दोषियों की पहचान और कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियां सतर्कता के साथ काम कर रही हैं।