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लुधियाना में रैबीज़ अलर्ट के बीच राहत, जगराओं से रेफर किए गए सभी 7 मरीज सुरक्षित

जगराओं क्षेत्र से रैबीज़ के संभावित लक्षणों के संदेह में पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ रेफर किए गए सभी सात मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी राहत की खबर दी है। सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रमणदीप कौर ने पुष्टि की है कि पीजीआई चंडीगढ़ में की गई विस्तृत चिकित्सीय जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इन सभी मरीजों में रैबीज़ की पुष्टि नहीं हुई है और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

डॉ. रमणदीप कौर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कदम पूरी सतर्कता और मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया था। जैसे ही जगराओं से कुछ मरीजों में रैबीज़ जैसे लक्षणों की आशंका सामने आई, उन्हें एहतियातन उच्च स्तरीय जांच के लिए तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके और स्थिति का वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जा सके।

मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय किया गया। एस.एम.ओ. हठूर के नेतृत्व में प्रभावित और आसपास के इलाकों में तत्काल सर्वे शुरू करवाया गया, जिसका उद्देश्य स्थिति की जमीनी समीक्षा करना, लोगों को रैबीज़ से जुड़ी सावधानियों के प्रति जागरूक करना और किसी अन्य संभावित संदिग्ध मामले की पहचान करना था। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों से जानकारी ले रही हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

पीजीआई चंडीगढ़ में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा की गई विस्तृत चिकित्सीय जांच और आवश्यक परीक्षणों के बाद यह पुष्टि हुई कि सातों मरीज रैबीज़ से ग्रसित नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह निष्कर्ष आने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान में जनस्वास्थ्य के लिए किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

डॉ. रमणदीप कौर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और जिले में रैबीज़ सहित अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम और निगरानी के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें नियमित निगरानी, टीकाकरण और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी तरह की आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

सिविल सर्जन ने आम जनता को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी जानवर द्वारा काटा जाता है या रैबीज़ से जुड़े किसी भी प्रकार के संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि एंटी-रैबीज़ टीकाकरण को लेकर डॉक्टरों की सलाह का पूरी तरह पालन किया जाए, क्योंकि समय पर लिया गया उपचार गंभीर जटिलताओं से बचाव में निर्णायक भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य विभाग लुधियाना ने जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित जोखिम से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। विभाग ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी तरह की अनावश्यक घबराहट से बचा जा सके।

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