हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव क्षेत्र में पब्बर नदी किनारे नेपाली मूल के एक मजदूर की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने सात दिन की सघन जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। 18 फरवरी को बडियारा पुल के समीप किलोचा नाला क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति का रक्तरंजित शव मिलने की सूचना पर पुलिस और डीएसपी रोहड़ू ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी, जहां मृतक के हाथ-पैर कपड़े से बंधे पाए गए और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। स्थानीय पूछताछ और जांच के बाद मृतक की पहचान 36 वर्षीय राकेश प्रताप उर्फ सेती राम कामी, निवासी डाकाडाम, नेपाल के रूप में हुई, जो क्षेत्र में बागवानी कार्य से जुड़ा मजदूर था। थाना चिड़गांव में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से खून से सना पत्थर और खंजर बरामद किया तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर दो संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गईं। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक को दो नेपाली मूल के युवकों के साथ देखा गया था और खुफिया जानकारी से यह भी स्पष्ट हुआ कि 17 फरवरी की शाम को दोनों आरोपी उसे बहला-फुसलाकर पब्बर नदी किनारे ले गए, जहां कथित विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई और पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे पर पत्थरों से वार किए गए तथा मोबाइल फोन नष्ट कर दिया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए और फरार होकर कुल्लू जिले के कसोल और मणिकर्ण क्षेत्र में छिप गए, लेकिन शिमला पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनके ठिकानों का पता लगा लिया। प्रवासी मजदूर पंजीकरण रजिस्टर की जांच से आरोपियों की पहचान ललित राणा उर्फ लक्ष्मण राणा (20) और साहबीर लुवर (21) के रूप में हुई, जो हाल ही में गांव देवीधार में मजदूरी करने आए थे और घटना के बाद से लापता थे। 23 फरवरी की रात को पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शिमला के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और लोगों से अपील की कि वे प्रवासी मजदूरों व किरायेदारों को काम पर रखने से पहले नजदीकी थाना या चौकी में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाएं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिल सके। यह एक वेब जनरेटेड न्यूज़ रिपोर्ट है।
शिमला के रोहड़ू में नेपाली मजदूर की हत्या का खुलासा: सात दिन बाद दो आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल साक्ष्यों से सुलझी गुत्थी |
