2,800 एकड़ सरकारी भूमि पर खेती करने वाले किसानों को बाढ़ में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा मिलेगा।
कुमार सोनी
अमृतसर/अजनाला : आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी किसान हितैषी सोच के कारण आजादी के बाद लगभग 75 वर्ष बीत जाने के बावजूद हल्का अजनाला के विभिन्न गांवों में 10,181 कनाल ‘पनाही कदीम’, ‘मालगुजार’ और ‘मुआफीदार’ श्रेणी की उपजाऊ भूमि पर लगातार खेती कर रहे 6,344 किसान, जो अब तक मालिकाना हक से वंचित थे, अब जमीन के मालिक बन सकेंगे।
इस संबंध में पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने विभिन्न जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ ऑनलाइन बैठक कर निर्देश दिए कि चिन्हित जमीनों के मालिकाना हक के दस्तावेज जल्द तैयार किए जाएं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विशेष कैंप लगाकर संबंधित किसानों को कागजात सौंपे जाएंगे। धालीवाल ने पूर्व की कांग्रेस व अकाली भाजपा सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि लगभग 70 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने इन श्रेणियों के किसानों को मालिकाना हक नहीं दिया। इसके कारण किसान बैंक से ऋण लेने और आवश्यकता अनुसार जमीन बेचने के अधिकार से वंचित रहे। उन्होंने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तब उन्होंने इस मुद्दे को कैबिनेट में उठाया था मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पारित कर किसानों को मालिकाना हक देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा अगस्त व सितंबर 2025 में आई भीषण बाढ़ से सरकारी जमीन पर खेती करने वाले किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि 100 प्रतिशत फसल नुकसान होने पर किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। अमृतसर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 2,800 एकड़ क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई थीं।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार है कि सरकारी जमीन पर खेती करने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ही सच्चे अर्थों में किसानों के हितों की रक्षा कर रही है।
अजनाला क्षेत्र में 10,181 कनाल जमीन पर खेती कर रहे 6,344 किसानों को मालिकाना हक देकर मान सरकार ने उनका सपना साकार कर दिया- कुलदीप धालीवाल
