मलेरकोटला में सीएम भगवंत मान की बड़ी घोषणाएं, 563 करोड़ का मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती
मलेरकोटला: भगवंत सिंह मान ने शनिवार को मलेरकोटला में राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने करीब 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं का ऐलान किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है, जहां 100 एमबीबीएस सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, करीब 8.5 एकड़ क्षेत्र में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जाएगा, जिससे खन्ना और लुधियाना के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के साथ ही नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल भी विकसित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र विस्तार हो सके। इसके साथ ही लड़कियों के एक स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है, जिसमें आवश्यक फर्नीचर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले कुछ हफ्तों में किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाएं, जिससे उन्हें 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सके। उन्होंने बताया कि यह योजना सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में लागू होगी और इसका उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी नागरिक को इलाज के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कामना की कि सभी लोग स्वस्थ रहें, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर सरकार हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंजाब की सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की पवित्र भूमि है, जहां नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है। यहां “सरबत के भले” की भावना के साथ सभी धर्मों और समुदायों के त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां विभिन्न भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं मिलकर एकता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी विभाजनकारी ताकत को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
