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पंजाब में सड़कों का विकास बना चुनावी मुद्दा: हरभजन सिंह ई.टी.ओ. की समीक्षा बैठक में लक्ष्य तेज, विपक्ष ने उठाए सवाल

पंजाब में आगामी चुनावों की आहट के बीच बुनियादी ढांचे का विकास अब राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया है। राज्य सरकार जहां सड़कों के व्यापक निर्माण और सुधार को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में लोक निर्माण विभाग की प्रगति की समीक्षा के लिए पंजाब भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने की।

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में तय किए गए सड़क निर्माण के लक्ष्यों को हर हाल में समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मानसून से पहले सभी प्रमुख परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को असुविधा न हो और निर्माण कार्य प्रभावित न हो।

सरकार की ओर से दावा किया गया कि राज्य में सड़क निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत “फुल डेप्थ रिक्लेमेशन” जैसी तकनीक को अपनाते हुए ग्रामीण सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से पुराने रोड मटेरियल का पुनः उपयोग किया जाता है, जिससे न केवल लागत में कमी आती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। पहले चरण में सैकड़ों किलोमीटर सड़कों को इस तकनीक से विकसित करने की योजना है।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में हॉट मिक्स प्लांट पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, जिससे प्रतिदिन बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण संभव हो रहा है। सरकार ने 30 जून 2026 तक हजारों किलोमीटर सड़क नेटवर्क को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसे चुनावी दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

हालांकि, इस विकास अभियान के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश के कारण कई परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते बिटुमेन की आपूर्ति में कमी की समस्या भी सामने आई है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन बाधाओं को दूर करते हुए कार्य की गति को बनाए रखा जाए और किसी भी स्थिति में लक्ष्य प्रभावित न हो।

राजनीतिक दृष्टि से यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब विपक्ष सरकार पर “विकास के दावों” को लेकर लगातार हमला बोल रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार आंकड़ों के जरिए तस्वीर पेश कर रही है, जबकि कई क्षेत्रों में सड़कें अभी भी खराब स्थिति में हैं। इसके विपरीत, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में जो काम नहीं हुआ, वह अब तेजी से पूरा किया जा रहा है और लोगों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में इस बार चुनावी मुकाबला केवल वादों का नहीं, बल्कि “काम बनाम आरोप” के नैरेटिव पर आधारित होगा। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दे ही मतदाताओं के फैसले को प्रभावित करेंगे। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी है कि वह अपने दावों को जमीनी स्तर पर साबित करे, जबकि विपक्ष के लिए यह अवसर है कि वह इन दावों की पड़ताल कर जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखे।

बैठक के अंत में मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वित्तीय और कार्यान्वयन लक्ष्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ हासिल करें, ताकि राज्य में एक मजबूत और आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार किया जा सके। स्पष्ट है कि पंजाब में सड़कों का विकास अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह आने वाले चुनावों में राजनीतिक बहस का अहम आधार बनने जा रहा है।

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