पंजाब सरकार ने हाशिए पर मौजूद वर्गों के विद्यार्थियों की शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी की है। यह जानकारी देते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जातियों से संबंधित विद्यार्थियों को यह राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत राज्य भर के 92 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है, जिससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में बड़ी सहायता मिली है। इस राशि से विद्यार्थियों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम मानती है और इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के सपनों को पंख देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कई ऐसे परिवार हैं जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल होता है और इस तरह की सहायता उनके लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आती है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास भविष्य में सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त पंजाब की नींव रखेंगे। उन्होंने कहा कि हाशिए पर मौजूद वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और इस दिशा में आगे भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार शिक्षा के माध्यम से समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर जरूरतमंद विद्यार्थी तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
