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नीलगाय से टक्कर ने खोला नशा तस्करी का राज, 70 करोड़ की हेरोइन बरामद

राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती नशा तस्करी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। बीकानेर जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना ने करोड़ों रुपये के नशे के बड़े नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। इस घटनाक्रम में एक नीलगाय से टकराव के बाद स्कूटी सवार युवक के पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

घटना 21 अप्रैल की बताई जा रही है, जब पूगल क्षेत्र के पास एक युवक स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान उसकी टक्कर अचानक सड़क पर आए एक नीलगाय से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में बीकानेर के बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह अभी भी गहन चिकित्सा निगरानी में है।

इस घटना का सबसे अहम पहलू तब सामने आया जब पुलिस ने स्कूटी की तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन से लगभग 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसे बड़ी चतुराई से छिपाकर रखा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया संकेत मिल रहे हैं कि यह नशे की खेप सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से गिराई गई हो सकती है। खाजूवाला सीमा क्षेत्र लंबे समय से तस्करी के ऐसे तरीकों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे प्रकरण के तार पाकिस्तान स्थित तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

घायल युवक की पहचान पाली जिले के सोजत क्षेत्र के निवासी खेताराम के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से उसका पहचान पत्र भी मिला है, लेकिन जिस स्कूटी से वह जा रहा था, वह उसके नाम पर पंजीकृत नहीं पाई गई। इससे संदेह और गहरा गया है कि वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है।

जांच एजेंसियां अब इस मामले के हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की डिलीवरी के लिए युवक अकेला नहीं हो सकता। पुलिस को शक है कि उसके अन्य साथी भी आसपास मौजूद रहे होंगे, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गए। अब ड्रोन के जरिए होने वाली सप्लाई, स्थानीय नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

यह घटना न केवल सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती नशा तस्करी की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह आकस्मिक घटनाएं बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकती हैं। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को एक बड़े नशा तस्करी गिरोह से जोड़कर देख रही हैं और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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