जब सीएसआर बना जनसेवा का माध्यम: एसजेवीएन की पहल से रामपुर सहित छह तहसीलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत

रामपुर बुशहर:

पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे बड़ी चुनौती समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता रही है। ऐसे में एसजेवीएन फाउंडेशन ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से एक ऐसी पहल की है, जो हजारों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का नया आधार बन सकती है।

रामपुर जल विद्युत स्टेशन (बायल) के सहयोग से आयुर्वेदिक अस्पताल, रामपुर बुशहर में Fully Auto Bio Chemistry Analyzer मशीन स्थापित की गई है। इस अत्याधुनिक उपकरण का शुभारंभ परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने किया।

यह अस्पताल हर वर्ष लगभग 42 हजार बाह्य रोगियों और लगभग एक हजार भर्ती मरीजों का उपचार करता है। यहां आने वाले अधिकांश मरीज ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आते हैं, जहां आधुनिक जांच सुविधाओं तक पहुंच अभी भी सीमित है। नई मशीन की स्थापना के बाद मरीजों को कई महत्वपूर्ण रक्त एवं बायोकेमिकल जांचें पहले की तुलना में अधिक तेज, सटीक और निःशुल्क उपलब्ध हो सकेंगी।

इस परियोजना का लाभ केवल रामपुर तक सीमित नहीं रहेगा। जिला शिमला की रामपुर, कुमारसैन और ननखड़ी तहसील, जिला किन्नौर की निचार तथा जिला कुल्लू की निरमंड और आनी तहसीलों के हजारों लोग इससे सीधे लाभान्वित होंगे।

मुख्य अतिथि ई. विकास मारवाह ने कहा कि एसजेवीएन का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन क्षेत्रों में कंपनी कार्य करती है वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच सुविधाएं मरीजों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाएंगी और गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) श्री संजीव शर्मा, उप महाप्रबंधक (आरएंडआर/सीएसआर) श्रीमती कौशल्या देवी नेगी, उप मंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहिणी शर्मा सहित आयुर्वेदिक विभाग और रामपुर एचपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप लागू किया जाए तो उसका प्रभाव केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बन जाता है।