पंजाब में गलत बिजली बिलों की समस्या पर पावरकॉम गंभीर, 30 नवंबर तक समाधान का CMD गुरकीरत कृपाल सिंह का भरोसा

पंजाब में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मिल रहे गलत और असामान्य बिजली बिलों को लेकर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह समस्या किसी जानबूझकर की गई कार्रवाई का परिणाम नहीं, बल्कि तकनीकी खामी के कारण सामने आई है। पावरकॉम के नवनियुक्त CMD गुरकीरत कृपाल सिंह ने भरोसा दिलाया है कि विभाग इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए लगातार काम कर रहा है और 30 नवंबर तक इसे ठीक कर लिया जाएगा।

CMD ने कहा कि गलत बिल मिलने से प्रभावित घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। पावरकॉम की तकनीकी और संबंधित टीमें पूरे मामले की जांच कर रही हैं तथा बिलिंग प्रणाली में सामने आई गड़बड़ियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि व्यवस्था में सुधार के बाद उपभोक्ताओं को गलत बिलों से पैदा हुई परेशानी से राहत मिलेगी।

सबसे बड़ी राहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह है कि जिन लोगों ने गलत बिजली बिलों के कारण भुगतान नहीं किया है, उनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाई गई है। इससे उन परिवारों को तत्काल राहत मिलेगी जो गलत बिल आने के कारण भुगतान को लेकर असमंजस में थे।

पावरकॉम का यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार नाराजगी देखी जा रही थी। कई मामलों में बिल की राशि सामान्य खपत की तुलना में काफी अधिक होने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में कनेक्शन काटे जाने का डर उपभोक्ताओं की परेशानी को और बढ़ा सकता था।

हालांकि, पावरकॉम ने स्पष्ट किया है कि यह राहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए लागू नहीं है। कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने पर ऐसी कोई सामान्य रोक नहीं लगाई गई है। इन श्रेणियों से संबंधित बकाया बिलों की वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी के मामलों में भी विभाग कार्रवाई जारी रखेगा।

गुरकीरत कृपाल सिंह ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों और सरकारी संस्थानों पर पावरकॉम का लगभग 2,400 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। निगम इस राशि की वसूली के लिए संबंधित विभागों के साथ प्रयास कर रहा है। सरकारी विभागों से लंबे समय से लंबित बकाया की वसूली पावरकॉम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

घरेलू बिजली बिलों से जुड़ी समस्या के बीच किसानों के लिए लागू स्वैच्छिक लोड घोषणा योजना (VDS) जैसी किसी योजना को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए शुरू करने के सवाल पर CMD ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

पावरकॉम के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बिलिंग व्यवस्था में आई तकनीकी गड़बड़ी को निर्धारित समयसीमा में दूर करना और उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करना है। 30 नवंबर तक समाधान का CMD का आश्वासन ऐसे हजारों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो गलत बिलों के कारण भुगतान और कनेक्शन को लेकर चिंता में हैं।

पावरकॉम के लिए अब यह भी अहम होगा कि तकनीकी सुधार के साथ-साथ बिलिंग व्यवस्था को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।:::