अमृतसर। पंजाब में अवैध हथियारों और नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 किलोग्राम अफीम, अमेरिका में निर्मित एक संशोधित एम-16 राइफल, नौ अवैध पिस्तौल और 25 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद पिस्तौलों में दो जिगाना, छह .30 बोर और एक .32 बोर पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाइयों से अवैध हथियारों और नशा तस्करी से जुड़े दो नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य को सुरक्षित बनाने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशी तस्करों के संपर्क में थे और अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े हुए थे। पुलिस अब इन नेटवर्क के आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाने के साथ-साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले मामले में 15 किलो अफीम और एम-16 राइफल बरामद
पुलिस के अनुसार, पहले अभियान में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलकीत सिंह उर्फ मीता (32), निवासी गांव मंझ, अमृतसर और गुरजीत सिंह (32), निवासी गांव सारंगड़ा, अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), बॉर्डर रेंज, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर थाना घरिंडा की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 15 किलोग्राम अफीम और अमेरिका में निर्मित एक संशोधित एम-16 राइफल बरामद की गई।
आईजीपी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मलकीत सिंह और गुरजीत सिंह के पास भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी कंटीली तार के नजदीक लगभग 10 से 15 किल्ले कृषि भूमि है। पुलिस को संदेह है कि इस जमीन का इस्तेमाल सीमा पार से खेप प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। इस पहलू की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि कथित तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
दूसरे अभियान में दो जिगाना सहित नौ पिस्तौल बरामद
दूसरी कार्रवाई में अमृतसर ग्रामीण पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की टीम ने लोपोके क्षेत्र में दाना मंडी के नजदीक कार्रवाई करते हुए अमृतपाल सिंह (26) और सतनाम सिंह (29), दोनों निवासी गांव कक्कड़ कलां, अमृतसर को गिरफ्तार किया।
आईजीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को घेरकर मौके पर पांच विदेशी पिस्तौल बरामद किए। इसके बाद पूछताछ के दौरान चार और पिस्तौल बरामद किए गए। इस प्रकार कुल नौ पिस्तौल और 25 जिंदा कारतूस पुलिस के कब्जे में आए।
अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवलप्रीत सिंह चहल ने बरामद हथियारों का विवरण देते हुए बताया कि इनमें दो जिगाना पिस्तौल, छह .30 बोर पिस्तौल और एक .32 बोर पिस्तौल शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की एचएफ-डीलक्स मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा था।
एसएसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी अमृतपाल सिंह के खिलाफ पहले से थाना छेहरटा में एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद हथियार कहां से लाए गए थे, उनकी आपूर्ति किसने की और इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाना था।
एक अन्य आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दूसरे मामले में आरोपियों के एक अन्य साथी की पहचान भी कर ली गई है। वह फिलहाल फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध हथियारों और नशे की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी है। पुलिस विदेशी तस्करों के साथ कथित संपर्कों, हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
दोनों मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज
पुलिस ने दोनों अभियानों के संबंध में अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
पहला मामला थाना घरिंडा में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18-सी और 29 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25(8) के तहत एफआईआर नंबर 424, दिनांक 29 सितंबर 2026 के रूप में दर्ज किया गया है। यह मामला 15 किलोग्राम अफीम और एम-16 राइफल की बरामदगी से संबंधित है।
दूसरा मामला थाना लोपोके में शस्त्र अधिनियम की धारा 25(8) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 310, दिनांक 29 सितंबर 2026 के रूप में दर्ज किया गया है। यह मामला नौ पिस्तौल और 25 जिंदा कारतूसों की बरामदगी से जुड़ा है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान हथियारों और अफीम की आपूर्ति के स्रोत, सीमा पार से संभावित संपर्कों तथा अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।





