पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। नई सूची में कुल 2 करोड़ 1 लाख 727 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 1 करोड़ 3 लाख 76 हजार 26 पुरुष, 97 लाख 24 हजार 195 महिलाएं और 506 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। अंतिम सूची में 7 लाख 97 हजार 263 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नए मतदाताओं की भागीदारी और मतदाता सूची में हुए बदलाव राजनीतिक दलों के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, 13 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 435 मतदाता दर्ज थे। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया तथा सत्यापन के बाद अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या में लगभग 3.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, विशेष पुनरीक्षण से पहले उपलब्ध मतदाता संख्या की तुलना में अंतिम सूची में कुल मतदाताओं की संख्या कम है। अधिकारियों ने इसकी वजह मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाने, स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर चले गए लोगों, सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए मतदाताओं और दोहरी प्रविष्टियों को बताया है।
पंजाब की राजनीति में मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य में अगले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होंगी। नए मतदाता, खासकर पहली बार मतदान करने वाले युवा, चुनावी माहौल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रोजगार, शिक्षा, नशे के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दे, स्वास्थ्य सेवाएं और राज्य की आर्थिक स्थिति जैसे विषय युवाओं तथा अन्य मतदाता वर्गों की प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, नए मतदाताओं के जुड़ने से किसी दल को कितना लाभ होगा, यह उनके राजनीतिक रुझान, स्थानीय मुद्दों और चुनाव के समय बनने वाले माहौल पर निर्भर करेगा।
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 13 अगस्त से 12 सितंबर तक समय दिया गया था। इस दौरान मतदाताओं के विवरण की जांच की गई और आवश्यक दस्तावेजों तथा बूथ स्तर के अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सुधार किए गए। अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए थे। जांच के बाद 86,038 लोगों को अयोग्य पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।
इस प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर पर सत्यापन और मतदाता सूची में त्रुटियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया। राज्यभर में 89,395 बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की मौजूदगी भी इस काम का हिस्सा रही। अंतिम मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों और बूथ स्तर के अधिकारियों के कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है। पात्र मतदाता अपने नाम की स्थिति की जांच कर सकते हैं और जिन योग्य नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
पंजाब में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ चुनावी तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चरण पूरा हो गया है। अब राजनीतिक दलों के सामने मतदाताओं तक पहुंचने, युवाओं के मुद्दों को उठाने और अपने पक्ष में जनसमर्थन जुटाने की चुनौती होगी। राज्य की सियासत में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा सहित प्रमुख दलों की रणनीतियां आने वाले समय में अधिक स्पष्ट होंगी।
अंतिम सूची का प्रकाशन चुनावी प्रक्रिया की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में जनादेश का संकेत नहीं माना जा सकता। वास्तविक तस्वीर विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आएगी, जब मतदाता अपने मुद्दों, सरकार के कामकाज और विपक्ष के विकल्पों के आधार पर फैसला करेंगे।





