पंजाब में AAP को बड़ा झटका: दो मौजूदा विधायक आज BJP में होंगे शामिल, दिल्ली में नितिन नवीन कराएंगे पार्टी में एंट्री

हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा ने रविवार को AAP की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी; 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने से पंजाब की राजनीति में हलचल, एक पूर्व विधायक के शामिल होने की चर्चा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची जारी होने के ठीक एक दिन बाद दो मौजूदा विधायकों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। इनमें पटियाला जिले की सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना के विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा शामिल हैं।

Hindustan Times की सोमवार सुबह प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने BJP में शामिल होने के अपने फैसले की पुष्टि की है। उन्हें दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में पार्टी में शामिल कराया जाएगा। पठानमाजरा ने यह भी कहा है कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव सनौर से लड़ेंगे। <Cite refs={[“turn693105search0”]}/>

दोनों विधायकों ने रविवार को AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध रिपोर्टों में उनके पार्टी छोड़ने की पुष्टि है; विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की पुष्टि नहीं है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब AAP ने 2027 के चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। दोनों विधायकों के नाम इस सूची में शामिल नहीं थे।

टिकट की अनिश्चितता और पार्टी नेतृत्व से नाराजगी बनी बड़ी वजह

दोनों नेताओं के पार्टी छोड़ने के पीछे अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियां रही हैं। सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा लंबे समय से AAP नेतृत्व के साथ मतभेदों को लेकर चर्चा में थे। उन्होंने बाढ़ प्रबंधन और अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले और पार्टी नेतृत्व के साथ बिगड़े संबंधों ने भी उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित किया।

समाना के विधायक और भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके चेतन सिंह जौरामाजरा की नाराजगी का एक बड़ा कारण उनके विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है। पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा के मई में AAP में शामिल होने के बाद उन्हें समाना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। इसे जौरामाजरा के राजनीतिक प्रभाव में कटौती और आगामी चुनाव में टिकट के समीकरण बदलने के संकेत के रूप में देखा गया।

AAP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रविवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पंजाब सरकार की कार्यशैली, नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने नशों के खिलाफ सरकार की मुहिम के नतीजों पर असंतोष जताया और आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पाया है।

जौरामाजरा ने नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों से जुड़े मामलों और मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का भी उल्लेख किया। पठानमाजरा ने राज्य के बढ़ते कर्ज, विकास कार्यों के लिए धन जारी न होने और दिल्ली के नेताओं के कथित हस्तक्षेप को लेकर सरकार पर निशाना साधा। ये सभी उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन पर सरकार का पक्ष अलग है।

BJP के लिए पंजाब में राजनीतिक विस्तार का अवसर

दो मौजूदा विधायकों का BJP में जाना राज्य में पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पंजाब में BJP 2027 के चुनाव से पहले अपना जनाधार बढ़ाने और राज्य की राजनीति में स्वतंत्र ताकत के रूप में स्थापित होने की कोशिश कर रही है। AAP के दो विधायकों का पार्टी में आना उसे स्थानीय राजनीतिक चेहरों और विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद नेटवर्क के लिहाज से लाभ दे सकता है।

दूसरी ओर, AAP ने इस घटनाक्रम पर पलटवार किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार में मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने BJP पर दूसरे दलों से निकाले गए या असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी BJP की इस रणनीति पर तीखी टिप्पणी की। <Cite refs={[“turn693105search1″,”turn801540search8”]}/>

क्या एक पूर्व विधायक भी BJP में शामिल होगा?

दो मौजूदा विधायकों के साथ एक पूर्व विधायक के BJP में शामिल होने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में उस पूर्व विधायक का नाम और औपचारिक शामिल होने की पुष्टि स्पष्ट नहीं है। इसलिए इस दावे को फिलहाल संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

2027 के चुनाव से पहले AAP के लिए यह पहला बड़ा संगठनात्मक इम्तिहान बन गया है। पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा में विपक्ष से पहले बढ़त लेने की कोशिश की थी, लेकिन टिकट वितरण के साथ ही असंतोष सामने आने लगा है। अब BJP में दोनों नेताओं की औपचारिक एंट्री और उसके बाद उनके राजनीतिक कदमों पर पंजाब की सियासत की नजर रहेगी।