NHAI के टोल प्लाज़ों पर गुंडाराज, मेरठ-करनाल हाईवे पर जवान की पिटाई से फूटा आक्रोश

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एनडीए सरकार में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं और अब इसका ताज़ा उदाहरण मेरठ-करनाल हाईवे (NH-709A) पर भूनी टोल प्लाज़ा पर देखने को मिला। 17 अगस्त 2025 की रात यहां टोल कर्मचारियों ने खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए भारतीय सेना के जवान कपिल कवाड़ (कपिल सिंह) पर बर्बरतापूर्वक हमला किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने न केवल जनता को झकझोर दिया बल्कि एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

दरअसल, जवान अपने चचेरे भाई के साथ दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे ताकि श्रीनगर में ड्यूटी ज्वॉइन कर सकें। देर रात टोल पर लंबी कतार लगी हुई थी और समय की कमी के चलते जवान ने टोल स्टाफ से वाहन हटाने की अपील की। मामूली सी बात ने विवाद का रूप ले लिया और टोल कर्मचारियों ने जवान को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्हें पोल से बांधकर लाठी-डंडों से हमला किया गया और एक कर्मचारी ने ईंट उठाने तक की कोशिश की। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया।

लोगों का गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह कोई पहली घटना नहीं है। आए दिन टोल प्लाज़ाओं पर इस तरह की हिंसा और गुंडागर्दी देखने को मिलती है। सवाल उठता है कि आखिर टोल कर्मचारियों को इतनी हिम्मत कहां से मिलती है कि वे यात्रियों को पीटते हैं और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हैं। कई मामलों में पुलिस भी अनदेखी कर देती है, क्योंकि माना जाता है कि इन टोल ठेकेदारों और कंपनियों की पकड़ इतनी मजबूत है कि शिकायतें दर्ज कराने में भी टालमटोल होती है। जब वाणिज्यिक गतिविधियों पर पैसा हावी होता है तो तंत्र अक्सर कमजोर पड़ जाता है और कानून अपने असली मायने खो देता है।

इस मामले को गंभीर मानते हुए NHAI ने टोल वसूलने वाली कंपनी धर्म सिंह एंड कंपनी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने और भविष्य में किसी भी टोल बोली में शामिल होने से रोकने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। NHAI ने साफ कहा है कि कंपनी अपने स्टाफ को नियंत्रण में रखने और अनुशासन बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम रही है, जो कॉन्ट्रैक्ट का गंभीर उल्लंघन है।

इस बीच स्थानीय पुलिस ने भी FIR दर्ज कर ली है और अब तक छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। बावजूद इसके, जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। लोगों का कहना है कि सिर्फ आर्थिक जुर्माना और गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई और ठोस सुधार की जरूरत है।

आज जब देश का एक जवान सीमा पर अपनी जान जोखिम में डालकर रक्षा कर रहा है, वहीं देश के भीतर उसे अपमानित और प्रताड़ित होना पड़ा, यह स्थिति कहीं से भी स्वीकार्य नहीं कही जा सकती। यह घटना सिर्फ एक जवान पर हमला नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, जो जनता की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी उठाती है। अगर जल्द ही NHAI अपनी कार्यसंस्कृति में सुधार नहीं करता और टोल प्लाज़ों पर जवाबदेही तय नहीं होती, तो यह गुंडाराज और ज्यादा गहराएगा।

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यह एक ऑटो वेब-जनित समाचार रिपोर्ट है।

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