अमृतसर में अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, सात अत्याधुनिक पिस्तौलों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार तस्करी से जुड़े एक संगठित मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने आज साझा की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राज्य में अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रेशम सिंह उर्फ घुल्ला (30) निवासी गांव डलेरी, जिला तरनतारन, सुमित उर्फ सचिन (28) निवासी गुमानपुरा, अमृतसर और विशाल कुमार (22) निवासी भिखीविंड, जिला तरनतारन के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा बरामद हथियारों में तीन 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, एक इटली निर्मित 9 एमएम बेरेटा पिस्तौल, एक तुर्की निर्मित 9 एमएम जिगाना पिस्तौल, एक तुर्की निर्मित 9 एमएम पीएक्स5 ग्लॉक पिस्तौल और एक .30 बोर की पिस्तौल शामिल है। इन हथियारों को अत्याधुनिक और संवेदनशील श्रेणी का माना जाता है, जिनका इस्तेमाल गंभीर आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में थे। ये तस्कर ड्रोन के जरिए भारत-पाक सीमा पार से अवैध हथियारों की खेप भेजते थे। आरोपी अपने-अपने हैंडलरों के निर्देशों के अनुसार इन हथियारों को सीमावर्ती इलाकों से प्राप्त कर आगे विभिन्न स्थानों पर डिलीवर करने का काम करते थे। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क के पीछे के पूरे ढांचे को उजागर करने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और अन्य संभावित लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।

इस पूरे ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कमिश्नर ऑफ पुलिस, अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस को विशेष और विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने सबसे पहले रेशम सिंह उर्फ घुल्ला को गिरफ्तार किया, जिसके पास से दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गईं। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर तीन और पिस्तौल बरामद की गईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह बड़े स्तर पर हथियारों की तस्करी में संलिप्त था।

सीपी भुल्लर ने बताया कि आगे की पूछताछ में रेशम सिंह ने अपने साथी सुमित उर्फ सचिन के बारे में अहम जानकारी दी। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसके कब्जे से दो पिस्तौल बरामद की गईं। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने देर शाम तीसरे आरोपी विशाल कुमार को भी हिरासत में ले लिया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि तीनों आरोपी एक ही हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे और उनकी भूमिकाएं आपस में बंटी हुई थीं।

पुलिस के अनुसार, रेशम सिंह उर्फ घुल्ला सीमा के नजदीक के इलाकों से हथियारों की खेप प्राप्त करने का काम करता था। वहीं सुमित उर्फ सचिन कारों की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय की आड़ में इन हथियारों को आगे विभिन्न लोगों तक पहुंचाता था, ताकि शक न हो। विशाल कुमार भी इस नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था और डिलीवरी तथा अन्य लॉजिस्टिक कार्यों में शामिल था।

इस मामले में अमृतसर के थाना छावनी में एफआईआर नंबर 18, दिनांक 01 फरवरी 2026 को दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए), 6, 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी और सीमा पार से संचालित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और इन हथियारों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जानी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के पूरी तरह ध्वस्त होने तक कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था को किसी भी तरह का खतरा न हो।