पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जहां लगभग दो महीने की जेल-आधारित निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद एक संगठित हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में सेना के एक जवान और एक बर्खास्त पुलिसकर्मी सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है क्योंकि इसमें सुरक्षा तंत्र से जुड़े व्यक्तियों की कथित संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4.8 किलोग्राम हेरोइन, एक अवैध हथियार और दो लग्जरी वाहन—थार और एक्सयूवी—बरामद किए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि नेटवर्क सुनियोजित और आर्थिक रूप से मजबूत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कई मामलों में शामिल रह चुके हैं, जिससे इनके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है और यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई और जेल के भीतर से संचालित संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की गई, जिसके बाद सटीक इनपुट के आधार पर छापेमारी कर आरोपियों को काबू किया गया। मामले में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है ताकि इस नेटवर्क के आगे और पीछे के संबंधों, फंडिंग स्रोतों, सप्लाई चेन और अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय लिंक की पहचान की जा सके। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशीले पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और संगठित ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब लंबे समय से ड्रग तस्करी की चुनौती से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह एक वेब जनरेटेड न्यूज़ रिपोर्ट है। | वेब जनरेटेड न्यूज़ रिपोर्ट




