इंसान को अगर कुछ करने का मकसद हो तो मुश्किले रास्ता नहीं रोक सकती – कमलजीत कौर गिल         

                                                

राहुल सोनी                                     

अमृतसर, इंसान को यदि कुछ करने की चाह हो तो मुश्किलें रास्ता नहीं रोक सकती। यह विचार ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन की उपाध्यक्ष कमलजीत कौर गिल ने वाराणसी में आयोजित दृष्टिबाधित दिव्यांग क्रिकेट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित करते हुए कहा कि हार जीत जीवन का हिस्सा है हमें खेल भावना से खेलना चाहिए टूर्नामेंट मे डॉ शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की टीम ने 3-0 से सीरीज जीत कर कब्जा किया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एमपी थियेटर में ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय *दिव्य दृष्टि ट्राफी अंतर विश्वविद्यालयी ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी एवं लखनऊ के डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीच  2 मैच खेले गए। पहला मैच सुबह खेला गया जिसमें डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। उन्होंने निर्धारित 10 ओवरों में 208 रन केवल 1 विकेट खोकर बनाए ।टीम की ओर से विक्रम सेन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 चौके और 2 छक्को की मदद से कुल 108 रन बनाए। जबकि अजीत ने 9 चौकों की मदद से 45 रनों का योगदान दिया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय को 1 विकेट रन आऊट के रुप में मिला। जवाब में खेलते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की टीम 9 विकेट खोकर 142 रन  बना सकी। काशी विश्वविद्यालय की ओर से अंगद ने 11 चौकों व 2 छक्को की मदद से सर्वाधिक 62 रन बनाए। डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ की ओर से गोलू व सुनील ने 1-1 विकेट लिए। मैन ऑफ द मैच डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विक्रम सेन को दिया गया। शाम के दूसरे मैच में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की टीम के कप्तान राजन ने टाँस जीतकर पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय की टीम 6 विकेट के नुकसान पर 135 रन बनायी, टीम की ओर से अंगद ने 7 चौकों की मदद से 44 रन तथा अभय ने 3 चौकों की मदद से 42 रनों का योगदान किया। डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विद्यालय की ओर से अजीत बाबू ने  2 ओवरों में 26 रन खर्च करके 2 विकेट लिए। जवाब में खेलते हुए डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में 9वें ओवर में 2 विकेट खोकर कर मैच जीत लिया। टीम की ओर से अजीत बाबू ने 51 रनों का सर्वाधिक योगदान 10 चौकों के मदद से किया उन्होंने एक ओवर के 6 बालों पर लगातार 6 चौके मारकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया साथ ही उनकी टीम के रानू ने 46 रनों का योगदान दिया जिसमें उन्होंने 4 चौके लगाए। मैन ऑफ द मैच अजीत बाबू को घोषित किया गया। इस तरह से डॉ शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय ने दिव्या दृष्टि ट्रॉफी 3-0 से जीत लिया। मैन ऑफ़ द सीरीज डॉ शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के रानू को दिया गया।
। इस अवसर पर   एआईडीसीए की उपाध्यक्ष कमलजीत कौर गिल डॉ तुलसी दास, डॉ डी बी मिश्रा, डॉ मनोज तिवारी, मदन मोहन वर्मा, अतुल राय राकेश पांडेय, महेश, अभय जी,आशुतोष, अंगद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें। एआईडीसीए की उपाध्यक्ष कमलजीत कौर गिल ने सभी खिलाड़ियों को मैडल प्रदान कर सम्मानित किया। विजेता एवं उपविजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान करने के साथ उन्हें नगद पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया।