पंजाब के संगरूर जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय पर कथित तौर पर पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ, हालांकि कार्यालय परिसर में आग के निशान मिले हैं।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। विपक्ष ने इसे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
घटना के बाद पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी नेता केवल सिंह ढिल्लों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल के कार्यालय पर हमला अस्वीकार्य है और दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को डराने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
भाजपा ने इस घटना को राज्य में पार्टी कार्यालयों पर पहले हुए हमलों की कड़ी से जोड़ते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि यदि राजनीतिक दलों के कार्यालय भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे।
उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हमले के पीछे की मंशा और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और संभावित साजिश के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।






