पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई के बीच पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर मलेशिया से बंबीहा गैंग से जुड़े बताए जा रहे तीन आरोपियों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।
पुलिस के अनुसार, विदेश से डिपोर्ट किए गए आरोपियों की पहचान जस बेहबल, अजय सिंह और पवनीदीप सिंह के रूप में हुई है। तीनों को बंबीहा गैंग के कथित सरगना लक्की पटियाल का करीबी बताया गया है। पंजाब पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और अब उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पंजाब पुलिस की OFTEC टीम ने केंद्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। विदेश में मौजूद आरोपियों को वापस लाना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संगठित अपराध से जुड़े कई नेटवर्क भारत से बाहर बैठकर पंजाब में अपनी गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश करते रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पंजाब और पड़ोसी राज्यों में रंगदारी, टारगेट किलिंग और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के विदेशी ठिकानों से पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को किस तरह सहायता मिल रही थी।
अजय सिंह और पवनीदीप सिंह पर लुधियाना में हुए एक कथित हैंड ग्रेनेड हमले की साजिश में शामिल होने का भी आरोप है। पुलिस इस मामले में उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उनके संपर्कों की जांच कर रही है।
विदेश से आरोपियों के डिपोर्टेशन को पंजाब सरकार की गैंगस्टर और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लगातार इस बात पर जोर देती रही है कि विदेशों में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है। पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
पंजाब पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन आरोपियों से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की है—विशेषकर विदेशों में बैठे उन लोगों तक, जिन पर राज्य में आपराधिक गतिविधियों को कथित तौर पर संचालित करने या सहायता देने के आरोप लगते रहे हैं।






