पठानकोट में विदेशी हैंडलर की टारगेट किलिंग साजिश नाकाम, दुबई से लौटे दो आरोपी गिरफ्तार

पठानकोट: पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने पठानकोट में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर विदेशी हैंडलर के इशारे पर की जाने वाली टारगेट किलिंग की साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से दो अत्याधुनिक .30 बोर पिस्तौल तथा 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे थे।

काउंटर इंटेलिजेंस, पठानकोट की इस कार्रवाई को पंजाब में संगठित आपराधिक नेटवर्क और विदेशी ठिकानों से संचालित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी हाल ही में दुबई से पंजाब लौटे थे और उन्हें कथित तौर पर एक विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित टारगेट कौन था और हत्या की साजिश को कब और किस स्थान पर अंजाम दिया जाना था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की अगली कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।

प्रारंभिक जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आने के बाद मामले को केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का विदेशी हैंडलर से किस माध्यम से संपर्क था, उन्हें निर्देश कैसे दिए गए और कथित टारगेट की पहचान तथा उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी आरोपियों तक किस तरह पहुंचाई गई।

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि दुबई से पंजाब लौटने के बाद दोनों आरोपी किन लोगों के संपर्क में रहे और क्या उन्हें स्थानीय स्तर पर किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह से सहायता मिली। पुलिस इनके मोबाइल फोन, संपर्कों, यात्रा विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर नेटवर्क की पूरी संरचना सामने लाने का प्रयास कर सकती है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में एफआईआर अमृतसर स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल यानी एसएसओसी थाने में दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क के ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ लिंक तलाश रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपियों तक हथियार किस माध्यम से पहुंचे, उनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे और संभावित तौर पर आगे इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

विदेशी धरती से संचालित आपराधिक नेटवर्क पंजाब पुलिस के लिए पिछले कुछ समय से एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और विदेशों में बैठे संचालकों के बीच संबंधों की कई जांचें सामने आती रही हैं। पुलिस की हालिया कार्रवाइयों में भी अवैध हथियारों और विदेशी संपर्कों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

इसी व्यापक संदर्भ में पठानकोट की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले अमृतसर पुलिस ने भी एक कथित अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार करने और दो एके-47 राइफल, तीन मैगजीन तथा 50 जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी थी। अधिकारियों के अनुसार उस मामले में भी विदेशी संपर्कों की दिशा में जांच की जा रही है।

पठानकोट का भौगोलिक महत्व भी इस तरह की जांच को संवेदनशील बनाता है। यह क्षेत्र पंजाब के सीमावर्ती इलाकों और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों के निकट है। ऐसे में किसी आपराधिक नेटवर्क द्वारा हथियारों और शूटरों की आवाजाही की संभावना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकती है।

हालांकि, पुलिस की ओर से सामने रखे गए आरोपों और प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों को अदालत में साबित किया जाना अभी बाकी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि वे वास्तव में किस नेटवर्क का हिस्सा थे, कथित विदेशी हैंडलर कौन है और टारगेट किलिंग की योजना के पीछे अंतिम उद्देश्य क्या था।

पंजाब पुलिस ने कहा है कि वह विदेशी ठिकानों से संचालित आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने और राज्य में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जांच एजेंसियां गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से आगे बढ़कर कथित विदेशी नेटवर्क के संचालकों और स्थानीय सहयोगियों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती हैं।

यदि जांच में हथियारों की सप्लाई, विदेशी फंडिंग, स्थानीय मदद और संभावित टारगेट की पहचान से जुड़े ठोस सबूत सामने आते हैं, तो यह कार्रवाई पंजाब में विदेशी नेटवर्क से जुड़ी संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जांच साबित हो सकती है।