भंडारण की जगह की कमी: सीएम भगवंत मान का केंद्र को पत्र, तुरंत अनाज उठाने की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री को पत्र लिखकर धान की खरीद से पहले राज्य से अनाज का स्टॉक तुरंत खाली करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भंडारण की जगह की कमी के कारण मंडियों में किसानों को परेशान नहीं होना चाहिए और खरीफ खरीद प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए।

तुरंत 6 लाख टन चावल और 15 लाख टन गेहूं उठाने की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे पत्र में 1 से 10 अक्टूबर तक 6 लाख मीट्रिक टन चावल और पूरे अक्टूबर महीने के दौरान 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तत्काल लिफ्टिंग के निर्देश जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक राइस मिलों और मंडी यार्डों में भंडारण की जगह घेरे हुए है, जिसमें से करीब 17 लाख मीट्रिक टन अभी भी वहीं पड़ा हुआ है।

सीएम मान ने जोर दिया कि नए आने वाले धान के लिए पर्याप्त जगह बनाने हेतु इस स्टॉक को खाली करना बेहद जरूरी है, ताकि किसान मंडियों में अपनी फसल बिना किसी भंडारण समस्या के ला सकें।

सितंबर में लिफ्टिंग अपेक्षा से बहुत कम

मुख्यमंत्री ने पत्र में याद दिलाया कि पंजाब ने सितंबर 2026 के दौरान खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के चावल की डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करने और नया सीजन शुरू होने से पहले 15 लाख मीट्रिक टन चावल और 10 से 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठाने का अनुरोध किया था। लेकिन 1 से 29 सितंबर 2026 तक राज्य से केवल 8.3 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.3 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही बाहर भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास लगातार भंडारण की कमी के कारण खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के निर्धारित 105.64 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 29 सितंबर तक केवल 99.50 लाख मीट्रिक टन (94 प्रतिशत) कस्टम मिल्ड राइस ही डिलीवर किया जा सका है और लगभग 6 लाख मीट्रिक टन चावल अभी भी डिलीवर होना बाकी है।

धान की आवक चरम पर पहुंचने से पहले कार्रवाई जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ मंडीकरण सीजन 2026-27 की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से हो रही है और 10 अक्टूबर 2026 के आसपास धान की आवक चरम पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लंबित धान के स्टॉक को खाली करने तथा स्टॉक के हिसाब-किताब और धान/चावल की रीसाइक्लिंग से पैदा होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए एफसीआई द्वारा सभी लंबित चावल की डिलीवरी तुरंत पूरी किया जाना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने चेतावनी दी कि मिलिंग में हो रही देरी के कारण शेलर मालिकों में पहले ही बेचैनी है। यदि चावल की डिलीवरी मध्य अक्टूबर के बाद तक लंबित रहती है, तो राइस मिलर धान के भंडारण और मिलिंग के लिए आगे नहीं आएंगे, जिससे अन्य हितधारकों, खासकर किसानों में भी बेचैनी का कारण बन सकती है।

गेहूं के भंडारण की भारी कमी

मुख्यमंत्री ने गेहूं के भंडारण के लिए जगह की भारी कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि रबी मंडीकरण सीजन 2026-27 के दौरान खरीदा गया लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं इस शर्त पर राइस मिलों और मंडी यार्डों में रखा गया था कि इस स्टॉक को सितंबर या मध्य अक्टूबर 2026 तक उठा लिया जाएगा।

लेकिन जून से सितंबर 2026 के बीच राज्य से गेहूं की लिफ्टिंग की गति काफी धीमी रहने के कारण, आज की तारीख तक रबी सीजन 2026-27 का लगभग 17 लाख मीट्रिक टन गेहूं अभी भी राइस मिलों और मंडी यार्डों में पड़ा हुआ है।

कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस गेहूं की लिफ्टिंग नहीं की गई, तो स्वाभाविक रूप से किसान मंडियों में अपनी फसल नहीं उतार सकेंगे और साथ ही राइस मिलों में भी धान के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी, जिससे खरीद प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति खरीफ मंडीकरण सीजन 2026-27 के दौरान धान की भारी आवक के समय राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी पैदा कर सकती है।

मासिक लिफ्टिंग के आंकड़े

मुख्यमंत्री के पत्र में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 के दौरान कुल लिफ्टिंग 11.91 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 6.55 लाख मीट्रिक टन चावल और 5.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था। जुलाई के दौरान कुल लिफ्टिंग 11.60 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें 6.70 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था।

अगस्त महीने में 12.72 लाख मीट्रिक टन अनाज बाहर भेजा गया, जिसमें 7.70 लाख मीट्रिक टन चावल और 5.02 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था, जबकि सितंबर महीने में (29 सितंबर तक) 12.60 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग हुई, जिसमें 8.30 लाख मीट्रिक टन चावल और 4.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं शामिल था।

केंद्र से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय मंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा, “मैं आपसे इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग तथा एफसीआई मुख्यालय के संबंधित अधिकारियों को 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच पंजाब से 6 लाख मीट्रिक टन चावल और अक्टूबर 2026 के दौरान 15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।”

उन्होंने कहा कि खरीफ मंडीकरण सीजन 2026-27 के दौरान सुचारू खरीद प्रक्रिया चलाने और संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में किसी भी अप्रिय अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए यह लिफ्टिंग बेहद जरूरी है।