प्रसिद्ध पंजाबी अभिनेता और हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला का निधन 

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प्रसिद्ध पंजाबी अभिनेता और हास्य कलाकार जसविंदर भल्ला का 22 अगस्त 2025 की सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया । उनकी अंत्येष्टि (क्रेमेशन) 23 अगस्त दोपहर 12 बजे बलोंगी श्मशान घाट, मोहाली में संपन्न होगी ।


जीवन और करियर का परिदृश्य

  • शिक्षा और अकादमिक सफर
    जसविंदर भल्ला का जन्म 4 मई 1960 को लुधियाना, पंजाब में हुआ था । उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना से B.Sc., M.Sc. की पढ़ाई की और आगे चलकर कृषि विज्ञान में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की । अकादमिक करियर में उन्होंने PAU में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में भी अपना योगदान दिया ।
  • कॉमेडी और फिल्मों में योगदान
    उन्होंने 1988 में ‘छणकाटा 1988’ नामक ऑडियो सीरीज से कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा । ‘छणकाटा’ श्रृंखला के कई चरित्रों में उनका “चाचा छतर सिंह” बहुत लोकप्रिय हुआ, जो पंजाब की ग्रामीण-शहरी राजनीति और जीवनशैली पर व्यंग्य करते थे । पंजाबी फिल्मों में उन्होंने Mahaul Theek Hai, Jatt & Juliet, Carry On Jatta, Jihne Mera Dil Luteya, Power Cut, Mel Karade Rabba, Jatt Airways, Carry On Jatta 3, Shinda Shinda No Papa जैसे कई सफल कॉमेडी और पारिवारिक फिल्मों में अभिनय किया ।
  • अभिनेताओं में विश्वसनीय छवि
    भल्ला अपनी विशिष्ट कॉमिक टाइमिंग, सैटायर और संवादों—जैसे ‘Advocate Dhillon’—की वजह से दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय थे ।

व्यक्तिगत जीवन

  • परिवार
    वे अपनी पत्नी परमदीप भल्ला (एक फाइन आर्ट्स टीचर) के साथ थे। उनके दो बच्चे थे—बेटा पुकरण भल्ला और बेटी अाशप्रीत कौर ।
  • पुकरण भल्ला: एक अभिनेता और गायक, ‘यार जिग्री कसूटी डिग्री’ जैसे वेब-सीरीज़ से अपनी पहचान बना चुके हैं ।
  • अशप्रीत कौर: विवाह जिंदगी में हैं और इस समय नॉर्वे में रहती हैं ।

अंतिम विदाई और प्रतिक्रिया

  • उनकी अंतिम यात्रा (क्रेमेशन) 23 अगस्त को बलोंगी श्मशान घाट पर दोपहर 12 बजे होगी ।
  • राजनीतिक जगत से भी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि मिली; पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारण्ग ने उन्हें “विश्वभर में गर्वित पंजाबी आवाज़” बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की ।

जसविंदर भल्ला ने न केवल पंजाबी सिनेमा को हास्य की ऊँचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि शिक्षा जगत में भी अपना स्थापित स्थान बनाया। एक प्रोफेसर और हास्य कलाकार के रूप में उनका सौम्य, सशक्त और प्रभावशाली योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके जाने से पंजाबी संस्कृति और मनोरंजन की दुनिया को अपूरणीय क्षति हुई है।

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