अमृतसर, राहुल सोनी
अमृतसर फिक्की फ्लो अमृतसर की 50 सदस्यों ने नव वर्ष 2026 का स्वागत श्री हरिमंदिर साहिब में एक आध्यात्मिक एवं भावनात्मक रूप से समृद्ध आयोजन के साथ किया। यह आयोजन सबर (धैर्य), शुकर (कृतज्ञता) और सहज (सहज अनुग्रह) जैसे कालातीत मूल्यों से प्रेरित था, जो सिख दर्शन में निहित हैं और फिक्की फ्लो की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं।
सुश्री मोना सिंह, अध्यक्ष, फिक्की फ्लो अमृतसर (2025–26) के दूरदर्शी एवं करुणामयी नेतृत्व में, फ्लो की 50 सदस्याओं ने एकत्र होकर दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किए तथा असीम बहनापा, एकता और सामूहिक शक्ति का उत्सव मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत केसर दा ढाबा, अमृतसर की 109 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित विरासत में आयोजित फेलोशिप लंच से हुई। सुश्री मिशा मेहरा द्वारा प्रदान की गई आत्मीय मेज़बानी ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया, जहाँ सदस्याओं को प्रेम, अपनत्व और पारंपरिक स्वाद से भरपूर भोजन परोसा गया। इसके उपरांत सभी सदस्याओं ने श्री हरिमंदिर साहिब में दर्शन किए। पवित्र और शांत वातावरण ने आत्मचिंतन, कृतज्ञता और आंतरिक शांति के भावों को जागृत किया। यह अनुभव सदस्यों के लिए नव वर्ष की शुरुआत विनम्रता, आस्था और जागरूक उद्देश्य के साथ करने का एक प्रेरणादायी अवसर रहा—व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक दोनों स्तरों पर। यह पहल फिक्की फ्लो अमृतसर की उस प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है, जिसके अंतर्गत सार्थक संवाद, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का सम्मान तथा साझा मूल्यों के माध्यम से बहनापे को सुदृढ़ किया जाता है।
कार्यक्रम का समापन कृतज्ञता और संतोष के भावों के साथ हुआ, जहाँ सभी सदस्याएँ सबर, शुकर और सहज के मूल मंत्र के साथ नव वर्ष की ओर प्रेरित, सशक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होकर अग्रसर हुईं।



