पोषण अभियान को सुदृढ़ करने के लिए राज्य एवं प्रांतीय स्तर की पहलें – डॉ. बलजीत कौर

पंजाब सरकार द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन – ECCE) तथा समग्र पोषण योजना (पोषण अभियान) के तहत राज्य और प्रांतीय स्तर पर व्यापक क्षमता विकास और जागरूकता कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सीखने के परिणामों को और मजबूत किया जा सके।

इसी कड़ी में आज मलोट में पोषण अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय पोषण जागरूकता एवं क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भाग लिया। यह कार्यक्रम ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ टियर-2, फेज-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना तथा पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार विशेष रूप से इस विभाग पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 5,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती की जा चुकी है और आने वाले समय में 6,000 और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व हेल्पर भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया गया है तथा प्रत्येक केंद्र में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

मंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पोषण अभियान और ECCE एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी पहलें हैं, क्योंकि उचित पोषण के बिना बच्चों का सीखना और विकास संभव नहीं है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पोषण अभियान एक बहु-विभागीय योजना है, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता जैसे विभागों की साझा भूमिका है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास के माध्यम से ही योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचाया जा सकता है।

इसके साथ ही पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों और कार्यकर्ताओं के लिए एक विस्तृत राज्य स्तरीय प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए खेल-आधारित, बाल-केंद्रित और विकासात्मक क्षेत्रों पर आधारित शिक्षा को लागू किया जा रहा है।

ECCE प्रशिक्षण के लिए कैस्केड मॉडल अपनाया गया है, जिसके अंतर्गत पहले राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे चलकर जिला और ब्लॉक स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान साप्ताहिक खेल-आधारित कैलेंडर, दैनिक समय-सारिणी, अवलोकन-आधारित मूल्यांकन उपकरण तथा आधारशिला पाठ्यक्रम (2024) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता को मजबूत किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी, पोषण विशेषज्ञ तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण सत्रों में पोषण अभियान और प्रारंभिक शिक्षा के क्रियान्वयन, डेटा-आधारित निगरानी, व्यवहार परिवर्तन संचार, सामुदायिक जागरूकता तथा जमीनी स्तर की चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी शिक्षा से जुड़े लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त किया जा सके।

कार्यक्रम का समापन माताओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास, विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने तथा स्वस्थ पंजाब के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

इस अवसर पर श्री अमरजीत सिंह भुल्लर, उप निदेशक सामाजिक सुरक्षा विभाग; डॉ. उर्वशी, संयुक्त सलाहकार पी.डी.सी.; श्रीमती रतनदीप कौर संधू; श्रीमती राजवंत कौर, सी.डी.पी.ओ. मलोट; निजी सहायक श्री अर्शदीप सिंह; गगनदीप सिंह औलख, लव बत्तरा और शमशेर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।