राहुल सोनी
अमृतसर,आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के मद्देनज़र, आज नगर निगम के आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने हेतु तैयारियों की समीक्षा एवं रणनीति तैयार करना था। बैठक में आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रारंभ किया गया स्वच्छ सर्वेक्षण, आज विश्व का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बन चुका है, जिसमें नवीनतम संस्करण के अंतर्गत देश के 4,589 शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सर्वेक्षण में परिणाम आधारित मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें नागरिक सहभागिता, सेवा वितरण की दक्षता तथा स्वच्छता प्रणालियों की स्थिरता प्रमुख हैं। श्री शेरगिल ने सभी संबंधित विभागों को स्वच्छ सर्वेक्षण के सभी मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से दृश्यमान स्वच्छता, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निपटान, पुराने कचरा डंप स्थलों का निवारण (बायो-रीमेडिएशन), अपशिष्ट जल उपचार, उपचारित जल का पुन: उपयोग तथा फीकल स्लज प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर बल दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी गतिविधियों का प्रबंधन सूचना प्रणाली पर नियमित रूप से अद्यतन किया जाना अनिवार्य है, क्योंकि अंतिम रैंकिंग से पूर्व आंकड़ों का नागरिक प्रतिक्रिया एवं तृतीय-पक्ष सत्यापन किया जाएगा।
आयुक्त ने अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय, मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन तथा कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, पारंपरिक मीडिया एवं वार्ड स्तर के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. जय इंदर सिंह, अधीक्षण अभियंता संदीप सिंह, सहायक आयुक्त विशाल वाधवान, कार्यकारी अभियंता भलिंदर सिंह, मनजीत सिंह, चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. किरण, डॉ. योगेश अरोड़ा, डॉ. रमा, सचिव सुशांत भाटिया, सीएसओ मलकीयत सिंह, सीएसआई, सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




