स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी छलांग, रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

शिमला/रामपुर — भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में एसजेवीएन लिमिटेड के रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। 412 मेगावाट क्षमता वाले इस स्टेशन ने एक वित्तीय वर्ष में 2000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अब तक का सबसे तेज रिकॉर्ड कायम किया है, जो 14 फरवरी 2020 के पूर्व रिकॉर्ड से नौ दिन पहले हासिल किया गया।

एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेंद्र गुप्ता ने इस उपलब्धि को देश के लिए स्थायी ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक सशक्त कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता स्टेशन की तकनीकी श्रेष्ठता, सुव्यवस्थित प्रचालन और समर्पित मानव संसाधन का परिणाम है।

उन्होंने भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार, विद्युत मंत्रालय, केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण तथा शिमला और कुल्लू जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। श्री गुप्ता ने परियोजना प्रमुख श्री विकास मारवाह के नेतृत्व में कार्यरत टीम की कार्यकुशलता और अनुशासन की विशेष रूप से प्रशंसा की।

निदेशक (कार्मिक) श्री अजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि एसजेवीएन की मजबूत संगठनात्मक संस्कृति और सामूहिक क्षमता को दर्शाती है, जबकि निदेशक (वित्त) श्री सिपन कुमार गर्ग ने इसे वित्तीय मजबूती और प्रचालन दक्षता का आदर्श उदाहरण बताया।

कमीशनिंग के बाद से रामपुर जलविद्युत स्टेशन लगातार नए उत्पादन मानक स्थापित कर रहा है, जो इसके इंजीनियरिंग डिज़ाइन, अनुरक्षण व्यवस्था और दीर्घकालिक प्रचालन रणनीति की सफलता को दर्शाता है। यह रिकॉर्ड एसजेवीएन की उस प्रतिबद्धता को दोहराता है, जिसके तहत वह देश को स्वच्छ, विश्वसनीय और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत है।