अमृतसर। राहुल सोनी: केंद्रीय सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए बजट के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा के लिए अमृतसर में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बजट में जीएसटी से संबंधित प्रावधानों को समझना, उनके प्रभाव का आकलन करना और व्यापारियों के हितों से जुड़े सुझावों पर विचार करना रहा।
बैठक में भारतीय व्यापार मंडल के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष राजीव अनेजा विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ व्यापारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना। बैठक के दौरान टैक्सपेयर्स मर्चेंट्स एसोसिएशन (टीएमए) के अध्यक्ष दीपक खन्ना, जनरल सेक्रेटरी राजीव खन्ना, चार्टर्ड अकाउंटेंट रोहित कपूर तथा सीए आंचल कपूर सहित संस्था के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने राजीव अनेजा का स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर जीएसटी की मौजूदा संरचना, अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने, छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने वाले कर भार, इनपुट टैक्स क्रेडिट, रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों तथा बजट में घोषित संभावित राहत उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में स्थिरता और सरलता से ही व्यापार को गति मिल सकती है और इससे राजस्व वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राजीव अनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना है और बजट में जीएसटी को लेकर जो भी सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, वे आने वाले समय में व्यापारियों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापार मंडल लगातार सरकार के साथ संवाद बनाए हुए है और व्यापारियों की जायज मांगों को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने जीएसटी से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए व्यापारियों को अनुपालन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी, ताकि वे किसी प्रकार की अनावश्यक पेनल्टी या कानूनी जटिलताओं से बच सकें।
इस बैठक में कमल डालमिया, विजय सेठ, विक्रम बग्गा, रूबिंदर सिंह चावला, रंजीत सिंह अरोड़ा, राजू नारंग, राजकुमार महाजन, अतुल मेहरा, संजीव महाजन, ओ.पी. बुलानी, राजीव अरोड़ा, गौरव दुआ सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में जीएसटी व्यवस्था को और अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुल मिलाकर, यह बैठक केंद्रीय बजट के बाद जीएसटी को लेकर व्यापारियों की भूमिका, अपेक्षाओं और सरकार के साथ समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले समय में पंजाब सहित देशभर के व्यापारिक समुदाय को सकारात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है।




