अकाली दल मध्य एशिया के साथ व्यापार के लिए वाघा व फाजिल्का बॉर्डर खोलने के लिए वचनबद्ध: सुखबीर सिंह बादल



2027 में सत्ता में आने पर पार्टी सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष औद्योगिक ज़ोन स्थापित करेगी।
अटारी : कुमार सोनी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज घोषणा की हैं कि 2027 में अकाली दल की सरकार बनने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार के लिए वाघा और फाजिल्का बॉर्डर खोले जाएं और सीमावर्ती क्षेत्र में एक विशेष औद्योगिक ज़ोन बनाया जाए।‘पंजाब बचाओ मुहिम’ के तहत वरिष्ठ नेता गुलजार सिंह रणीके द्वारा यहां आयोजित विशाल रैली को संबोधित करते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि बॉर्डर बंद होने से सीमावर्ती क्षेत्र में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक बार हम चुने गए तो हम वाघा और फाजिल्का बॉर्डर को फल, सब्जियों और अन्य वस्तुओं के मध्य एशियाई देशों को निर्यात के लिए खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इस निर्यात से अमृतसर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केंद्र बन जाएगा और पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा। सरदार बादल ने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में उद्योग स्थापित करना भी बहुत जरूरी है, खासकर तब जब उद्योग पहाड़ी राज्यों में मिल रही रियायतों के कारण वहां चले गए हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष औद्योगिक ज़ोन स्थापित करने के लिए वचनबद्ध है और उद्योगों को विशेष वित्तीय पैकेज देगा ताकि यहां निवेश आकर्षित किया जा सके। इससे पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान पूरा इलाका अकाली दल के नीले और केसरी रंग में रंगा नजर आया। सरदार बादल ने पंजाबियों से अपील की कि वे प्रयोग करना बंद करें और 2027 के चुनाव में अपनी क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि केवल अकाली दल ही पंजाब की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। हम यहीं जीते हैं और यहीं मरेंगे। दिल्ली आधारित पार्टियों—चाहे कांग्रेस, आप या भाजपा—को राज्य की कोई चिंता नहीं है। उनकी एकमात्र इच्छा सत्ता हासिल करना है। यही कारण है कि जब भी अकाली दल सत्ता में होता है तो विकास होता है और उसके बाद रुक जाता है। अकाली दल के अध्यक्ष ने लोगों से पूछा कि वे कांग्रेस सरकार या मौजूदा आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के शासन में हुए किसी भी विकास कार्य को गिनाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई मुख्यमंत्री रहे, लेकिन पार्टी एक भी महत्वपूर्ण परियोजना नहीं गिना सकती जो उनके कार्यकाल में बनी हो। दूसरी ओर, अकाली दल ने ही खेती के लिए मुफ्त बिजली दी, सिंचाई के लिए नहरें बनाईं, विश्व स्तरीय सड़कें और हवाई अड्डे, मंडियां और थर्मल प्लांट स्थापित किए, बल्कि आटा-दाल योजना, बुढ़ापा पेंशन और शगुन योजना जैसी अनूठी सामाजिक कल्याण योजनाएं शुरू कीं।  वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि आप सरकार अटारी और आसपास के क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने में विफल रही है। उन्होंने राज्य में बढ़ते गैंगस्टरवाद का मुद्दा भी उठाया, जो सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचा रहा है।
वरिष्ठ नेता गुलजार सिंह रणीके ने भी संबोधित किया और अकाली दल अध्यक्ष का धन्यवाद किया कि वे लोगों के कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे और पिछले साल आई बाढ़ के दौरान किसानों की मदद की, जब आप सरकार उन्हें छोड़कर चली गई थी।