हरियाणा की संगीत और मनोरंजन दुनिया इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। मशहूर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर Badshah को लेकर एक तरफ सांस्कृतिक और सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है, तो दूसरी ओर सुरक्षा से जुड़ा गंभीर पहलू भी सामने आ गया है। हाल ही में रिलीज हुए उनके हरियाणवी गीत ‘टटीरी’ को लेकर राज्य में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस बीच पानीपत में हुई एक फायरिंग की घटना के बाद कथित तौर पर Lawrence Bishnoi Gang से जुड़े तत्वों ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हुए रैपर को जान से मारने की धमकी दी है, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
शनिवार को हरियाणा के औद्योगिक शहर Panipat में असंध रोड स्थित एक वेस्टर्न यूनियन कार्यालय पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में रंदीप मलिक और अनिल पंडित नामक व्यक्तियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली, जिन्हें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पोस्ट में दावा किया गया कि यह फायरिंग कथित हवाला कारोबारियों को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई है और इसे ‘ट्रेलर’ बताया गया। हालांकि इसी पोस्ट के अंत में एक ऐसा संदेश सामने आया जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। इसमें रैपर बादशाह का नाम लेते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
सूत्रों के अनुसार, धमकी के पीछे उनके हालिया हरियाणवी गीत ‘टटीरी’ को लेकर उपजा विवाद बताया जा रहा है। कुछ समूहों और संगठनों का आरोप है कि इस गीत के माध्यम से हरियाणा की सांस्कृतिक छवि और सामाजिक मूल्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यही कारण है कि यह विवाद अब केवल मनोरंजन जगत तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि राज्य के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है।
इस विवाद के बीच हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष Renu Bhatia ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि रैपर को जांच में शामिल होने के लिए कहा जाए। आयोग का कहना है कि यदि कलाकार जांच में सहयोग नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आयोग ने यह भी सुझाव दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।
महिला आयोग का कहना है कि यदि किसी गीत या दृश्य सामग्री में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने या समाज में गलत संदेश देने की आशंका होती है, तो उस पर कार्रवाई करना आवश्यक हो जाता है। आयोग के अनुसार, हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, पानीपत में हुई फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस घटना का वास्तव में किसी गैंग से संबंध है या सोशल मीडिया पर किया गया दावा केवल सनसनी फैलाने के उद्देश्य से किया गया है। जांच एजेंसियां फायरिंग में शामिल संदिग्धों की पहचान करने और उनके संभावित आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया के माध्यम से कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों को धमकियां देने के मामले बढ़े हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उत्तर भारत में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों की गतिविधियों पर पहले से ही सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रखे हुए हैं और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाती है।
उधर मनोरंजन जगत में भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। संगीत उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन कलाकारों को धमकी देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
हरियाणा और उत्तर भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य में हरियाणवी संगीत पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया की वजह से इस क्षेत्रीय संगीत शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ऐसे में इस तरह के विवाद न केवल कलाकारों बल्कि पूरे संगीत उद्योग की छवि को भी प्रभावित करते हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। एक ओर महिला आयोग द्वारा कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कथित गैंग की धमकी ने इस विवाद को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और कलाकार की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय कर सकती है।




