पंजाब ने रचा नया इतिहास: ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने ऑब्जर्वेशन होम्स और स्पेशल होम्स में रह रहे बच्चों के पुनर्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस तरह की पहल शुरू करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को संरक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा कौशल उपलब्ध कराना है जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना स्थान बना सकें। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सपने देखने, सीखने और अपने जीवन को बेहतर बनाने का समान अवसर मिलना चाहिए, चाहे उसकी परिस्थितियां कैसी भी रही हों।

मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के पहले चरण में राज्य भर के ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स में रह रहे 211 बच्चों को विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को रोजगार की वर्तमान मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बच्चों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकें।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत हेयर स्टाइलिस्ट, स्मार्टफोन तकनीशियन सहित कई अन्य रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन की नई शुरुआत कर सकें।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल उनके कौशल को निखारेगी, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से प्रत्येक बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यही सोच इस कार्यक्रम की आधारशिला है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को नई उम्मीद, नई पहचान और बेहतर भविष्य की राह दिखाना है।

पंजाब सरकार की इस पहल को बाल कल्याण और पुनर्वास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।