पंजाब में आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत: PSPCL अब सीधे करेगा संविदा नियुक्ति, करीब 800 कर्मियों को मिलेगा लाभ

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन रखरखाव कार्यों में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों तथा पश्चिमी जोन में कार्यरत असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम कराने की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है। अब इन कर्मचारियों को सीधे संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर PSPCL से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस निर्णय से पंजाब भर में लगभग 800 कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है।

12 जुलाई को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार यह निर्णय राज्य सरकार की उस नीति के अनुरूप लिया गया है, जिसे मंत्रिपरिषद द्वारा मंजूरी दी गई थी। इस नीति के तहत सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे अनुबंध पर रखने की व्यवस्था लागू की जा रही है।

पत्र में कहा गया है कि तकनीकी रूप से योग्य और जोखिमपूर्ण (Hazardous) श्रेणियों में कार्यरत वे कर्मचारी, जिन्होंने तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद सीधे संविदा नियुक्ति के पात्र होंगे। जो कर्मचारी अभी निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें अस्थायी (प्रोविजनल) पत्र जारी किए जाएंगे और पात्रता पूरी होने पर उन्हें नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा।

इसी प्रकार गैर-जोखिमपूर्ण (Non-Hazardous) श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष की सेवा पूरी करना आवश्यक होगा। निर्धारित अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को सीधे संविदा पर रखा जाएगा, जबकि शेष कर्मचारियों को सेवा अवधि पूरी होने तक प्रोविजनल पत्र दिए जाएंगे।

PSPCL ने उन कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था की है जिनके पास निर्धारित तकनीकी योग्यता नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को निगम के प्रशिक्षण संस्थानों या नामित कार्यालयों में 10 दिन का बेसिक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उनकी बुनियादी तकनीकी जानकारी की परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा उत्तीर्ण करने और अनुभव संबंधी शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारी भी सीधे संविदा नियुक्ति के पात्र बन जाएंगे।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह निर्णय लंबे समय से निजी ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत है। इससे कर्मचारियों को अधिक स्थिर कार्य व्यवस्था, पारदर्शिता और निगम के साथ सीधा संबंध मिलने की उम्मीद है। साथ ही बिजली आपूर्ति और रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा।

PSPCL के इस कदम को राज्य सरकार की आउटसोर्स कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से अधिक सुरक्षित और प्रत्यक्ष रोजगार व्यवस्था से जोड़ने की नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।