पटियाला — राज्य की बिजली वितरण प्रणाली में नई बिलिंग तकनीक लागू करने के दौरान उत्पन्न तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के चलते हजारों उपभोक्ताओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिलों के समय पर जारी न होने, गलत राशि दर्ज होने, डिजिटल भुगतान में कठिनाई और पुराने बकायों के अचानक जुड़ जाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
नई क्लाउड आधारित बिलिंग प्रणाली को लागू करने के उद्देश्य से पुरानी व्यवस्था को बदला गया था, ताकि राजस्व प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके और तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाया जा सके। हालांकि, इस बदलाव के दौरान संक्रमणकाल अपेक्षा से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। कई जिलों में उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली बिल नहीं मिले, जबकि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक राशि वाले बिल भेजे गए, जिससे लोगों को बिल सुधार के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े।
शहरी इलाकों में बिजली उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग मैनुअल करेक्शन और बिल संशोधन के लिए आवेदन करते नजर आए। कई परिवारों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें महीनों से कोई बिल नहीं मिला, जिससे अचानक भारी बकाया बनने का डर सताने लगा है। डिजिटल भुगतान प्रणाली में आ रही दिक्कतों ने भी उपभोक्ताओं की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
इस बदलाव का असर केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली व्यवस्था के वित्तीय प्रबंधन पर भी पड़ा है। राजस्व संग्रह में अस्थायी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे नकदी प्रवाह पर असर पड़ा है। तकनीकी संक्रमण, कर्मचारियों को नई प्रणाली की पूरी जानकारी न होना और नई प्रक्रिया में तालमेल की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
सरकार और बिजली विभाग की ओर से स्थिति को सुधारने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या स्थायी नहीं है और प्रणाली के स्थिर होते ही बिलिंग प्रक्रिया सामान्य हो जाएगी। नई व्यवस्था के अनुरूप कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में बिल वितरण, भुगतान प्रणाली और डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से कार्य करने लगेंगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। सरकार का फोकस इस बात पर है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और बिजली सेवाएं पारदर्शी, भरोसेमंद और सरल बनें।
फिलहाल आम नागरिक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही व्यवस्था पटरी पर लौटेगी और उन्हें बिजली बिलों को लेकर हो रही इस असमंजसपूर्ण स्थिति से मुक्ति मिलेगी।





