आगजनी की कोशिश, दीवारें तोड़ी गईं, प्रशासन पर फायरिंग के आरोप; देर रात तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
कपूरथला केंद्रीय जेल शनिवार रात अचानक हिंसा और अफरा-तफरी का केंद्र बन गई, जब कैदियों और विचाराधीन बंदियों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते गंभीर झड़प का रूप ले लिया। रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुए इस घटनाक्रम ने पूरे जेल परिसर में तनाव फैला दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ कैदियों ने बैरक नंबर-4 में तोड़फोड़ शुरू कर दी और जेल परिसर के एक हिस्से में आग लगाने की भी कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद गुस्साए कैदियों ने बैरकों की अंदरूनी दीवारों को नुकसान पहुंचाया और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख जेल प्रशासन और पुलिस बल को तत्काल मौके पर बुलाया गया। इस दौरान कुछ कैदियों के जेल की छतों पर चढ़ने और हंगामा करने की भी खबरें सामने आईं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में कैदी यह आरोप लगाते दिखाई दिए कि हालात को नियंत्रित करने के लिए जेल प्रशासन की ओर से फायरिंग की गई। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक बल का इस्तेमाल किया गया और किसी भी कैदी को जेल से भागने नहीं दिया गया।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा देर रात स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जेल में कैदियों के बीच विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पा लिया। उनके अनुसार पूरी घटना केवल बैरक नंबर-4 तक सीमित रही और किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कैदी फरार नहीं हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक विवाद की शुरुआत एक कैदी को दूसरी बैरक में शिफ्ट किए जाने को लेकर हुई। आरोप है कि इस प्रक्रिया में जेल अधिकारियों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों का मामला सामने आया, जिसके बाद कैदियों में आक्रोश फैल गया। हालांकि इस पहलू की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी है। हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल कैदियों की पहचान की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर जेलों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





