पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने विपक्षी भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि सरकार ने ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो विपक्ष को तकलीफ होने लगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हो रही है, तो भाजपा और कांग्रेस को इसमें आपत्ति क्यों है।
ढांडा ने कहा कि सल्फास खाने से पहले मृतक ने जिन लोगों के नाम लिए थे, पुलिस ने उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की है। ऐसे में इस कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय विपक्ष को यह बताना चाहिए कि क्या राजनीति से ऊपर इंसान की जान की भी कोई कीमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है—नशे के कारोबार में चाहे कोई भी व्यक्ति शामिल हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी राजनीतिक पहचान, प्रभाव या दबाव के आधार पर किसी को संरक्षण नहीं देगी।
अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान से उन लोगों में बेचैनी है, जिनके हित इस अवैध कारोबार से जुड़े हैं। जून 2026 में भी ढांडा ने दावा किया था कि भगवंत मान सरकार की कार्रवाई से ड्रग नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है और नशा तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। ([The Columns][1])
AAP नेता ने विपक्ष से सवाल किया कि जब सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और आरोपों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, तब राजनीतिक बयानबाजी क्यों की जा रही है। उनके मुताबिक, पंजाब के युवाओं को नशे से बचाना किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का संदेश साफ है—ड्रग्स तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी और राजनीतिक दबाव के बावजूद सरकार पीछे नहीं हटेगी।
हालांकि, इस पूरे मामले में मृतक द्वारा कथित तौर पर लिए गए नामों और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इसलिए आरोपों को फिलहाल जांच के दायरे में देखना महत्वपूर्ण है।




